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उन्नाव भ , पूरा मामला जानिए – unnao sadhu milan yadav murder accused atiq illegal construction excavator action & more related news here


Unnao Sadhu Milan Arkvanshi Murder Case: में आरोपी अतीक के अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन हुआ है। साधू हत्याकांड में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

Unnao Sadhu Milan Yadav Murder Accused Atiq Bulldozer Action
उन्नाव में साधू मिलन की हत्या मामले में (फोटो: NBT)
मनीष कुमार सिंह, उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक साधू की दिनदहाड़े चाकू से गोदकर निर्मम हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में जहां पर साधू की हत्या हुई थी, उस जगह पर बनी बैठक और अहाते की बाउंड्रीवाल को गिरा दिया गया है। पुलिस ने मंगलवार की देर शाम मृतक के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। , लेकिन ठोस वजह अभी सामने नहीं आ पाई है। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इसको देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है।

मंदिर के पुजारी की हुई निर्मम हत्या

नगर के मोहल्ला घूरे टोला निवासी 46 वर्षीय मिलन अर्कवंशी पुत्र रामबली सन्यासी च व्यतीत कर रहे थे। बताया जाता है कि मंगलवार को वह अपने मंदिर में बैठे थे। 12 बजे वे बाइपास मार्ग के पास मोहल्ला पुरबिया टोला गए थे। वहां कुछ लोग पहले से मौजूद थे। बताया जाता है कि पुजारी के वहां पहुंचने के बाद किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने मिलन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले में गंभीर रूप से घायल मिलन अर्कवंशी लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में डॉ. पीयूष मिश्रा ने उनकी जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। साधू की हत्या की खबर पूरे नगर में आग की तरह पहुंच गए।

पांच के खिलाफ केस दर्ज

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुई। मंगलवार की देर शाम मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटना में शामिल लल्ली, यामीन, शफीक को पुलिस ने गिरफ्तार किया कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी सहित दो लोग अभी फरार है। दावा किया गया कि सभासद अतीक की झोपड़ी में पुजारी की हत्या की गई। जांच के क्रम में इस झोपड़ी को अवैध निर्माण पाया गया। प्रशासन की टीम ने इस पर कार्रवाई की है।

बाबा को दी गई समाधि

मिलन बाबा का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके आवास पर पंहुचा। वहां पुलिस की निगरानी में उन्हें समाधि दे दी गई। वहीं, स्थानीय लोग बुलडोजर एक्शन की मांग आ लगे। दूसरी तरफ, उपजिलाधिकारी बांगरमऊ और नगरपालिका के अधिकारियों ने एक अहाते के अंदर बनी बैठक और उसकी बाउंड्री वाल को बुलडोजर के जरिए गिरवा दिया गया। बताया जाता है जिस जगह पर बुलडोजर एक्शन हुआ है, वहीं पर मिलन बाबा की हत्या की गई थी। यह जगह एक सभासद की बताई जा रही है।

हत्या के कारणों पर चर्चा तेज

साधू मिलन अर्कवंशी बोधेश्वर मंदिर के पुजारी थे। इसके साथ ही वह दूसरी जगह एक और मंदिर बनवा रहे थे। मंदिर का अभी आधा ही निर्माण हुआ था। इसी बीच बाबा की हत्या हो गई। हालांकि, इलाके में एक चर्चा यह भी है कि मिलन बाबा निर्माण स्थल पर आरती, भंडारा का आयोजन करते थे। वहां सुबह शाम लाउडस्पीकर से भजन और कीर्तन बजते थे। यह शायद कुछ लोगों को पसंद नहीं आया। इसी बात को लेकर वह सब खुन्नस रखते थे। सवाल यह उठ रहा है कि उनकी हत्या की वजह कहीं यह तो नहीं है।

एसपी का आया बयान

What’s up, what’s up, what happens? इसका अभी नहीं पता चल सका है। इस मामले में एसपी जेपी सिंह ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी ने कहा कि जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, वह सब बाबा मिलन के साथी थे। बाबा पर जिसने हमला किया था, वह नशेड़ी था। किस वजह से हत्या की गई, इसकी गहनता से जांच की जा रही है।

लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior digital content producer) वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराग काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। 2021 में नवभारत टाइम्‍स ऑनला। उन्‍होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहत। विशेषज्ञता- राजनीतिक खबरों का विश्लेषण, क्राइम की घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट, प्रशासनिक हलचल को लेकर इनसाइड स्टोरी, सरकार के फैसलों का आम लोगों पर असर का विश्लेषण। January 22 2004 थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्‍स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्‍थान की ओर से सम्‍मानित किया गया है। Year: 2004 इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किय। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से अ राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। 2002 मिग्री हासिल की है।… और पढ़ें



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