SIR प्रक्रिया को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। यूएन ने चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोपों पर सरकार से जवाब मांगा। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है।

रविवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘ज्ञानेश कुमार की समझदारी और काबिलियत की चर्चा अब संयुक्त राष्ट्र में हो रही है। उन्होंने आगे कहा, पूरे देश के लिए यह कितने गर्व का पल है। आने वाली पीढ़ियां इसे याद रखेंगी।
टीएमसी ने भी उठाए सवाल
वहीं इस मुद्दे पर टीएमसी की राज्यसभा सांसद SIR प्रक्रिया के कारण लाखों वोटर चुनावी लिस्ट से गायब हो गए हैं और उनके और भी गायब होने का खतरा है। अब यूएन के स्पेशल रैपोर्टर्स ने AI-आधारित अपारदर्शी तरीके से लोगों के नाम हटाने और अल्पसंख्यकों पर इसके बहुत ज्यादा असर को ‘
”चुनाव आयोग बिना जवाबदेही वाले एल्गोरिदम के जरिए वोटरों के अधिकारों को खत्म कर रहा है। ‘वैनिश कुमार’ की अगुवाई वाले चुनाव आयोग ने ‘
यूएन ने क्या कहा?
यूएन की ओर से 1 मई 2026 को भेजे गए पत्र में कहा SIR प्रक्रिया के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने, खासकर अल्पसँ पर इसके कथित प्रभाव को लेकर चिंता है। रिपोर्ट में भारत सरकार को जवाब देने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है। More information अधिकार पर विशेष प्रतिवेदक और धर्म या आस्था की स्वतंत्रता से जुड़े विशेष की ओर से भेजा गया है।
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम का जिक्र
यूएन रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के नंदीगथ विधानसभा क्षेत्र का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वहां SIR पटाए की संख्या कथित तौर पर अधिक रही। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नंदीग्राम में हटाए गए मतदाताओं में करीब 95 फीसदी मुस्लिम थे, जबकि क्षेत्र के कुल मतदाताओं में मुस्लिम आबादी 25 फीसदी है।
मानवाधिकार दायित्वों का हवाला
यूएन विशेषज्ञों ने इन आरोपों को कई अँ जोड़ते हुए चिंता जताई है। रिपोर्ट में भारत के उन अंतरराष्ट्रीय समझौतों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें भेदभाव से सुरक्षा और मतदान के अधिकार से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।