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‘ज्ञानेश कुमार की प्रतिभा’ की UN में चर्चा’ SIR पर संयुक्त राष्ट्र के भारत से जवाब मांगने पर कांग्रेस का तंज – UN questions controversy in India over removal of names of Muslim voters in Sir process, opposition leader Pawan Khera mocks & more related news here


SIR प्रक्रिया को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। यूएन ने चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोपों पर सरकार से जवाब मांगा। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है।

pawan khera
नई दिल्ली: More information जताई है। उन्होंने चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोपों पर भारत सरकार से जवाब मांगा है। More information समुदायों के कथित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। अब इस मुद्दे पर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर तंज कसा है।

रविवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘ज्ञानेश कुमार की समझदारी और काबिलियत की चर्चा अब संयुक्त राष्ट्र में हो रही है। उन्होंने आगे कहा, पूरे देश के लिए यह कितने गर्व का पल है। आने वाली पीढ़ियां इसे याद रखेंगी।

टीएमसी ने भी उठाए सवाल

वहीं इस मुद्दे पर टीएमसी की राज्यसभा सांसद SIR प्रक्रिया के कारण लाखों वोटर चुनावी लिस्ट से गायब हो गए हैं और उनके और भी गायब होने का खतरा है। अब यूएन के स्पेशल रैपोर्टर्स ने AI-आधारित अपारदर्शी तरीके से लोगों के नाम हटाने और अल्पसंख्यकों पर इसके बहुत ज्यादा असर को ‘

”चुनाव आयोग बिना जवाबदेही वाले एल्गोरिदम के जरिए वोटरों के अधिकारों को खत्म कर रहा है। ‘वैनिश कुमार’ की अगुवाई वाले चुनाव आयोग ने ‘

यूएन ने क्या कहा?

यूएन की ओर से 1 मई 2026 को भेजे गए पत्र में कहा SIR प्रक्रिया के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने, खासकर अल्पसँ पर इसके कथित प्रभाव को लेकर चिंता है। रिपोर्ट में भारत सरकार को जवाब देने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है। More information अधिकार पर विशेष प्रतिवेदक और धर्म या आस्था की स्वतंत्रता से जुड़े विशेष की ओर से भेजा गया है।

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम का जिक्र

यूएन रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के नंदीगथ विधानसभा क्षेत्र का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वहां SIR पटाए की संख्या कथित तौर पर अधिक रही। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नंदीग्राम में हटाए गए मतदाताओं में करीब 95 फीसदी मुस्लिम थे, जबकि क्षेत्र के कुल मतदाताओं में मुस्लिम आबादी 25 फीसदी है।

मानवाधिकार दायित्वों का हवाला

यूएन विशेषज्ञों ने इन आरोपों को कई अँ जोड़ते हुए चिंता जताई है। रिपोर्ट में भारत के उन अंतरराष्ट्रीय समझौतों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें भेदभाव से सुरक्षा और मतदान के अधिकार से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

लेखक के बारे मेंअभिषेक पाण्डेयअभिषेक पाण्डेय नवभारत टाइम्स में डिजिटल में पत्रकार हैं। वे जुलाई- 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। वह वर्तमान में नेशनल और दिल्ली डेसक से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। पत्रकारिता में बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर काम करने का 4 वर्षों का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह दैनिक जागरण में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। 2022, 2024, 2024, 2025, 2025 से कवर किया है। अभी वह राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सियासी उथल-पुथल, सामाजिक परिवर्तन और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखते हैं। विशेषज्ञता उत्तर भारत के राज्यों की सियासी व आपराधिक घटनाक्रम पर अच्छी पकड़, किताबों के जरिए इतिहास को वर्तमान के पन्नों में खंगालने की कोशिश। पत्रकारिता अनुभव रामा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री More information पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया। इसके बाद उन्होंने कई संस्थानों के लिए फ्रीलांसिग की। More information ” ‘ की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। 2022 में दैनिक जागरण के ढ एडिटर के पद पर अपने करियर की औपचारिक शुरुआत की। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की डेस्क पर अपनी पकड़ मजबूत की। बेहतरीन लेखनी और कार्य के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए संस्थान 2024 में वरिष्ठ उप संपादक के पद पर प्रमोट किया। दैनिक जागरण में रहते हुए उन्होंने, खबरों का संपादन, एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया। इसके बाद अभिषेक 2025 में नवभारत टाइम्स के साथ अपनी पारी की शुरुआत की। शिक्षा/पुरस्कार मूल रूप से कानपुर से जुड़े More information किया है। दैनिक जागरण में उन्हें तीन बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें



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