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नहीं रहे रामानंद सागर के बेटे आनंद, मुंबई में हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से परिवार ने कहा अलविदा – ramanand sagar son anand ramanand sagar chopra passed away last rites mumbai video tmovp & more related news here

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‘रामायण’ को बनाने वाले डायरेक्टर रामानंद सागर के बेटे आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का आज निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार, 13 min 4:30 min मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में संपन्न हुआ. आनंद रामानंद सागर चोपड़ा, भारतीय टेलीविजन के सबसे प्रभावशाली परिवारों में से एक के सदस्य थे. उनके निधन की जानकारी परिजनों की ओर से दी गई है.

नहीं रहे आनंद सागर

रामानंद सागर के परिवार ने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के माध्यम से इस दुखद खबर को फैंस संग शेयर किया. ‘उन्होंने लिखा,’ More information सूचना देता है. उनका आज, January 13, 2026. प्रसिद्ध टीवी सीरीज ‘रामायण’ (1987) के ओरिजिनल निर्माता महान रामानंद सागर के पुत्र, आनंद जी सागर आर्ट्स के दूसरे पीढ़ी के प्रबंधन में शामिल थे.’

इसमें आगे लिखा गया, ‘एक गर्मजोशी, गरिमा और मूल्यों से भरे व्यक्ति, श्री आनंद रामानंद सागर चोपड़ा ने अपनी दयालुता, बुद्धिमत्ता और कोमल स्वभाव से कई जीवन छुए. उन्हें परिवार, मित्रों और सभी उन लोगों द्वारा स्नेहपूर्वक याद किया जाएगा, जिन्हें उन्हें जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. New Year January 13, 2026 (पवन हंस) में होगा. उनकी आत्मा को शांति मिले. ओम शांति.’

रामानंद सागर के बेटे का निधन

कौन थे आनंद रामानंद सागर?

सोशल मीडिया पर आनंद रामानंद सागर चोपड़ा की अंतिम विदाई का एक वीडियो भी वायरल हो रहा ै. इसमें उनके परिवार के सदस्य नम आंखों से उन्हें विदाई दे रहे हैं. 2005 आनंद रामानंद सागर चोपड़ा ने सागर परिभ अन्य सदस्यों के साथ मिलकर ‘रामायण’ और अन्य क्लासिक प्रोजेक्ट्स को नए तरीके से फिर से टेलीकास्ट करने का काम जारी रखा. ‘रामायण’ फिर से टीवी पर आया, तो इसने एक बार फिर पुराने के साथ-साथ यंग दर्शकों के दिल में भी खास जगह बना ली थी.

आनंद ने अपने पिता रामानंद सागर आिरासत को बचाए रखने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पिता के स्थापित प्रोडक्शन हाउस सागर आर्ट्स के हिस्से के रूप में, उन्होंने पौराणिक और भक्तिपूर्ण प्रोजेक्ट्स के निर्माण, Learn More सालों से आनंद उन प्रोजेक्ट्स में सक्रिय रूप से शामिल रहे, जिन्होंने नई पीढ़ियों को महाकाव्य कथाओं से मिलवाया. वह हमेशा से सुनिश्चित करते रहे कि सागर ब्रांड आस्था-आधारित टेलीविजन प्रोग्राम का पर्याय बना रहे.

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