हरिवंश नारायण सिंह फिर से बने राज्यसभा – harivansh narayan singh becomes rajya sabha MP again nominated by president & more related news here

हरिवंश नारायण सिंह फिर से बने राज्यसभा – harivansh narayan singh becomes rajya sabha MP again nominated by president

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दो बार से राज्यसभा के सांसद और राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा सांसद बन गए हैं। See More राज्यसभा सांसद मनोनीत किया है।

Harivansh Narayan Singh, Rajya Sabha Vice President.
More information(फोटोANI)
पटना: जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के नेता हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा सांसद 2 गए हैं। वे राज्यसभा के उप सभापति भी हैं। प्रख्यात पत्रकार हरिवंश को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा सांसद मनोनीत किया है। उनकी राज्यसभा सांसद का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो गया था। अब उनका नया कार्यकाल शुरू होगा। हरिवंश के आज ही नीतीश कुमार (bihar cm nitish kumar) के साथ राज्यसभा सांसद की शपथ लेने की संभावना है।

हरिवंश नारायण सिंह, जो हरिवंश के नाम से अधिक 2014 पहली बार राज्यसभा में भेजा था। September 9, 2018 January 14, 2020 January 14, 2020 हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो चुका है। नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले हरिवंश अब राज्यसभा में लगातार तीसरा कार्यकाल शुरू करेंगे।

हरिवंश का नया कार्यकाल 2032

हरिवंश को राज्‍यसभा सांसद मनोनीत किए जाने की घोषणा गृह मंत्रालय की ओर से प्रकाशित गजट में की गई है। गजट के अनुसार एक सांसद का कार्यकाल खत्म‍ होने से खाली हुई सीट पर राष्‍ट्रपत‍ि ने उन्‍हें मनोनीत किया है। 2032 तक चलेगा।

Harivansh
हरिवंश नारायण सिंह के मनोनयन का गजट नोटिफिकेशन।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में 30 years 1956 जन्मे हरिवंश नारायण सिंह ने प्राथमिक शिक्षा अपने गांव से सटे टोला काशी राय के स्कूल में प्राप्त की थी। Year 1971 पास की थी। इसके बाद वे वाराणसी पहुंचे और इंटरमीडिएट किया। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्याले स्नातक किया और पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया।

पत्रकारिता का लंबा करियर

हरिवंश ने अपना करियर टाइम्स ग्रुप में बतौर पत्रकार शुरू किया था। हालांकि इसके बाद बैंक में भी नौकरी की थी। Years 1981 and 1984. Years 1984. Years 1984. Years 1984. थीं। हालांकि जल्द ही वे पत्रकारिता के पेशे में वापस आ गए थे। Years 1984 and 1989. Years 1989. Years 1984. More information Year 1990 Year 1990 Year 1990 Year 1990 Year 1990 Year 1990 Year 1990 Year 1990 Year 1990 प्रभात खबर से जुड़ गए। इस समाचार पत्र में उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक सेवाएं दीं।

दो बार राज्यसभा के उप सभापति

प्रभात खबर में काम करते हुए हरिवंश की जेडीयू के नेता नीतीश कुमार से नजदीकी बनी। नीतीश कुमार ने उनको पार्टी का महासचिव नियुक्त कर दिया। Year 2014 वे तब से निरंतर राज्यसभा सांसद हैं। राज्यसभा में दो कार्यकाल पूरे कर चुके हरिवंश का तीसरा कार्यकाल शुरू हो रहा है।

राज्यसभा सांसद के साथ-साथ वे उच्च सदन के उप सभापति भी हैं। September 9, 2018 sec September 9, 2020

सभी दलों को स्वीकार्य हरिवंश

हरिवंश नारायण सिंह के राजनीति करियर की खासियत यह है कि वे भले ही वे जेडीयू के नेता हैं, लेकिन एनडीए ही नहीं बल्कि विपक्ष के कई दलों में भी उनकी स्वीकार्यता है। Year 2018 नीतीश कुमार ने इसका समर्थन किया था। उनके लिए विपक्षी नवीन पटनायक के बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के जगन मोहन रेड्डी से भी वोट मांगे गए थे। Year 2022 तोड़ दिया था। उन्होंने महागठबंधन के साथ बिहार में सरकार बना ली थी। तब सवाल हरिवंश को लेकर था कि वे उप सभापति पद से इस्तीफा देंगे, या बने रहेंगे। हालांकि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, क्योंकि वे एक संवैधानिक पद पर थे। उनकी अब बीजेपी से भी नजदीकी बढ़ चुकी है।

राज्यसभा चुनाव में नहीं थी हरिवंश की चर्चा

बिहार में हाल ही में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव हुए। इन पांच में से एक सीट वह भी है जो हरिवंश का दूसरा कार्यकाल समाप्त होने से रिक्त हुई। हरिवंश के बारे में पूर्व से ही माना जा रहा था कि उन्हें जेडीयू उम्‍मीदवार नहीं बनाएगी। इसके पीछे कारण यह है कि नीतीश कुमार कभी किसी See More नहीं भेजते हैं। More information

चूंकि नीतीश हरिवंश को तीसरा बार राज्यसभा में नहीं भेजते, तो यह मान लिया गया था आ अप्रैल को उनका दूसरा और अंतिम कार्यकाल समाप्त होने के साथ वे अब संसद में नहीं होंगे। लेकिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका कार्यकाल खत्म होने के ठीक दूसरे दिन शुक्रवार को उनका मनोनयन कर दिया।

सूर्यकांत पाठक

लेखक के बारे मेंसूर्यकांत पाठकसूर्यकांत पाठक, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसल्टेंट हैं। Year 2025 टाइम्स की डिजिटल वैं। सूर्यकांत पाठक एनबीटी डिजिटल में बिहार डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। सूर्यकांत समाचार विश्लेषण, संपादकीय लेखन, कला समीक्षा, नाट्य और संगीत समीक्षा, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक मुद्दों पर धारदार कलम चले हैं। 31 years old अलग-अलग माध्यमों के लिए रिपोर्टिंग की है। कई लोकसभा चुनावों के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को कवर किया है। कई बड़े सांस्कृतिक, साहित्यिक आयोजनों को भी कवर किया है। More information साक्षात्कार किए हैं। सूर्यकांत पाठक ने ग्राउंड रिपोर्टिंग 2 अलावा कई वर्षों तक डेस्क पर संपादन की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दी हैं। More information रहे हैं। वे समय-समय पर स्थानीय समाचार डेस्क के अलावा, देश-प्रदेश, अंतरराष्ट्रीय समाचार, फीचर डेस्क और चुनाव डेस्क के लिए भी काम करते रहे हैं। More information वे हमेशा अपनी रपट में खबर से पीछे और खबर से आगे के तथ्यों को भी शामिल करते हैं। इससे उनकी खबरों में समग्रता होती है। ‘वे एक अच्छे ‘स्टोरी टेलर ‘ दृश्यात्मकता है, जिससे उनकी रपट अधिक प्रभावी बन जाती है। पत्रकारिता अनुभव सूर्यकांत पाठक ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत ऑल इंडिया Year 1993. Year 1993. Year 1995 बाद में भोपाल में भी इसी पद पर काम किया। Year 1997 दायित्व संभाला। 2003 नियुक्त हुए। Year 2005 ब्यूरो चीफ का जिम्मा दिया गया। Year 2006 शुरू किया। 2009 में पीपुल्स घ के रूप में ज्वाइन किया। Year 2010 में न्यूज एडिटर का जिम्मा संभाला। 2015 में एनड0 एडिटर के रूप में Year 2017 Year 2017 Year 2017 Year 2017 Year 2017 Year 2025 हुए। सूर्यकांत पाठक ने डॉ हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर से बीए, एमए -परफॉर्मिंग आर्ट (थिएटर), बीसीजे और एसजेसी की डिग्रियां ली हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) से हिंदुस्तानी व में डिप्लोमा किया है। उन्होंने भारत भवन- भोपाल पर रिसर्च की है। ‘ विषय पर लघु शोध किया है। इंदौर की गंदी बस्तियों में लोगों के जीवन स्तर पर एक वृहत सर्वे किया है। अवॉर्ड/अचीवमेंट्स बेस्ट रिपोर्टर (प्रेस क्लब -सागर), बेस्ट सिटी एडिटर (लोकमत समाचार, महाराष्ट्र), ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी पत्रकारिता अलंकरण (सागर), नारद मुनि सम्मान (इंदौर), भुवन भूषण देवलिया ब पुरस्कार (भोपाल) सहित सूर्यकांत पाठक को कई पुरस्कार मिले हैं।और पढ़ें