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होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकाबंदी कर देने से ईरान पर क्या कोई असर पड़ेगा & more related news here


अमेरिकी नौसेना

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इमेज कैप्शन, अमेरिका ने कहा है कि वो होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने की तैयारी कर रहा है. इस स्ट्रेट से दुनिया की तेल और गैस सप्लाई का 20 min

अमेरिकी सेना का कहना है कि सोमवार को होर्मुज़ स्ट्रेट पर नाकाबंदी शुरू होने के बाद, ईरानी बंदरगाह से सारा ट्रैफ़िक ब्लॉक कर दिया जाएगा, लेकिन दूसरी जगहों से आने वाले जहाज़ों को वॉटरवे से गुज़रने दिया जाएगा.

What’s wrong with you?

2022 के दौरान, सभी तरह के समुद्री ट्रैफिक को दुश्मन के कंट्रोल वाले ख़ास बंदरगाहों, तटीय इलाक़ों या एयर बेस में आने या जाने से रोका जाता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले एलान किया था कि ईरान के साथ बातचीत फ़ेल होने के तुरंत बाद नाकाबंदी लागू कर दी जाएगी, लेकिन रविवार को उन्होंने फ़ॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि इसमें कुछ समय लग सकता है.

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बाद में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के मुतtric 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे ईस्टर्न टाइम (भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे) बंदरगाहों या तटीय इलाकों में अ See More की जाएगी.

इसमें खाड़ी और ओमान सागर में स्थित सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं.

“सेंटकॉम उन जहाज़ों के होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने में रुकावट नहीं डालेगा जो ख “

सेंटकॉम ने कहा कि नाकाबंदी शुरू होने से पहले कमर्शियल शिपिंग कंपनियों को फॉर्मल नोटिस के ज़रिए और जानकारी दी जाएगी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि दूसरे देश भी नाकाबंदी में शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कौन से देश शामिल होंगे. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भी ऐसे जहाज़ लाएगा जो बारूदी सुरंगें साफ़ करेंगे, जिनमें ब्रिटिश जहाज़ भी शामिल हैं.

अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकाबंदी आ करना चाहता है?

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इमेज कैप्शन, ईरान में अमेरिका के हमले के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

ईरान ने युद्ध में होर्मुज़ स्ट्रेट का इस्तेमाल कुछ जहाज़ों को गुज़रने से रोकने के लिए किया, जिससे दुनिया के बाज़ार में तेल की कीमतें बढ़ गईं. ईरान इससे गुज़रने वाले जहाज़ों से पैसे भी वसूल रहा है.

इस वजह से राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करके ईरानी शासन को आर्थिक रूप से नुक़सान पहुंचा सकते हैं, हालांकि इस बात का ख़तरा है कि तेल और ख

फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ” लोगों के लिए तेल बचा सकें जिन्हें वे पसंद करते हैं और उन लोगों के लिए नहीं जिन्हें वे पसंद नहीं करते.”

More information के लिए दबाव डालने की स्ट्रैटेजी का हिस्सा है.

होमुर्ज़ स्ट्रेट की नाकाबंदी का क्या असर होगा?

शिपिंग विशेषज्ञ लार्स जेनसन ने बीबीसी को बताया कि फ़िलहाल इस नाकाबंदी से बहुत कम जहाज़ प्रभावित होंगे, क्योंकि अभी भी कम ही संख्या में ये जहाज़ होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़र रहे हैं.

“उन्होंने कहा,” See More को रोका जाऎ पड़ेगा.”

” असर नहीं होगा कि ईरान को टोल देने वाले “”

उन्होंने यह भी कहा कि पहले से ही वहां से बहुत कम जहाज़ गुज़र रहे हैं.

More information हो सकता है, और उसके बाद धीरे-धीरे इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले जहाज़ों की संख्या बढ़ेगी.”

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इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट बंद हुआ तो तें आसमान छू सकती हैं

क्या अमेरिका ताक़त के दम पर होर्मुज़ स्ट्रेट बंद करेगा?

एंथनी ज़र्चर

नॉर्थ अमेरिका संवाददाता

फ़िलहाल सवाल ये है कि क्या बारूदी सुरंगोँ What’s wrong with you?

अगर विदेशी जहाज़ नाकाबंदी को पार करने की कोशिश करें, तो क्या अमेरिका बल का इस्तेमाल करेगा?

और क्या चीन जैसे देश इस पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं, जो ईरानी तेल पर निर्भर हैं. और सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान को What’s wrong with you?

More information हैं.

अमेरिकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के डेमोक्रेट सदस्य मार्क वार्नर ने सीएनएन से “बातचीत में कहा,” होमुर्ज़ स्ट्रेट की नाकाबंदी ईरान को इसे “”

सीबीएस के एक कार्यक्रम में रिपब्लिकन सांसद “माइक टर्नर ने कहा,”

ईरान के साथ बातचीत टूटने के बाद ट्रंप के सामने मुश्किल हालात हैं. More information

सीबीएस के सर्वे के मुताबिक़ 59 फ़ीसदी अमेरिकियों का मानना है कि इस युद्ध के नतीजे अमेरिका के लिए ख़राब हैं.

ज़्यादातर लोगों का ये भी मानना है कि जैसे होमुर्ज़ स्ट्रेट खोलना, ईरानी जनता को अधिक अधिकार दिलाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को स्थायी रूप से बंद करने जैसे अमेरिकी लक्ष्य अभी तक हासिल नहीं हुए हैं.

रविवार को फ़ॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिकी शर्तें मान लेगा.

उनका यह भी कहना था कि अगर आने वाले महीनों में तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था इस बोझ को सह सकती है.

यह एक बड़ा दांव है. नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में ट्रंप की पार्टी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.

अब देखना यह है कि क्या ईरान अमेरिकी और इसराइली हमलों को ज़्यादा समय तक झेल सकता है या फिर इस युद्ध की राजनीतिक और आर्थिक कीमत सहने का ज़्यादा हौसला ट्रंप में है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित



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