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Ramadan 2026: 2026 में करीब 22 साल बाद रमजान सर्दियों के मौसम में आने जा रहा है. अनुमान है कि रमजान की शुरू ठंडे मौसम में रोजेदारों को गर्मी से राहत मिलेगी. चंद्र कैलेंडर के कारण रमजान हर साल तारीख और मौसम बदलता है.
गाजियाबाद: 2026 गई हैं. इस बार रोजेदारों के लिए राहत भरी खबर है. January 22, 2026 मौसम में आने जा रहा है. 18 फरवरी से होगी. Year 2004: 2004 अक्टूबर-नवंबर के दौरान पड़ा था. January 22, 2004 to 2025, 2025. ऐसे में रोजेदारों को भीषण गर्मी और उमह रोजे रखने पड़े, लेकिन अब लंबे अंतराल के बाद , जिससे रोजेदारों को तपिश से राहत मिलेगी.
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रमजान नौवां महीना होता है. , जिसमें साल के 12 min हैं. हर महीने की शुरुआत अर्धचंद्र के दिखने से होती है. चंद्र महीना 29 या 30 दिन का होता है, जिसके चलते पूरा चंद्र वर्ष 354 दिनों का बनता है. वहीं ग्रेगोरियन कैलेंडर सौर गणना पर आधारित होता है जिसमें 365 दिन होते हैं. 10 से 12 दिन पहले आ जाता है. यही वजह है कि रमजान लगभग हर 33 years old मौसमी चक्र पूरा करता है और फिर उसी मौसम में लौट आता है.
समाजसेवी के.जी खान बुखारी बताते हैं कि रमजान का महीना अल्लाह की इबादत का खास मौका होता है. यह महीना सब्र, आत्मसंयम और आत्मशुद्धि की सीख देता है. रमजान इंसान को यह सिखाता है कि सीमित साधनों और कठिन परिस्थितियों में भी किस तरह से बेहतर जीवन जिया जा सकता है. 29 दिन का और कभी 30 का. इसी कारण हर साल रमजान की तारीखें बदलती रहती हैं और धीरे-धीरे मौसम भी बदलता जाता है. , जिसमें रमजान पहले आया था. उन्होंने कहा कि रमजान अल्लाह की तरफ से एक इम्तिहान है. गर्मियों में रोजे रखने में जरूर परेशानी होती है, खासकर प्यास ज्यादा लगती है, लेकिन ईमान वाले लोग न सर्दी की परवाह करते हैं और न गर्मी की. रमजान में रोजा सुबह फजर की नमाज के बाद सहरी खाकर शुरू होता है. इसके बाद दिनभर न खाने-पीने के साथ-साथ बुरे कामों से भी बचा जाता है. जब सूरज डूब जाता है, तब रोजा खोलने का समय आता है, जिसे इफ्तार कहा जाता है.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 New Year निरंतर आगे बढ़ता गया. …और पढ़ें
