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40 min फैंस छूने लगे पैर, राजीव गांधी तक मांगते थे रामायण की कैसेट & more related news here

40 min फैंस छूने लगे पैर, राजीव गांधी तक मांगते थे रामायण की कैसेट

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More information जिंदगी बदल देगा. छोटे पर्दे पर कदम रखने के फैसले को लेकर परिवार की नाराजगी झेलने वाली इस अभिनेत्री ने ऑडिशन में दर्जनों लड़कियों को पीछे छोड़ ऐसा रोल हासिल किया, जिसने उन्हें घर-घर में पूजनीय बना दिया. उनकी लोकप्रियता का आलम यह था का लोग देवी का स्वरूप मानकर पैर छूते थे. सादगी और संस्कार से भरी उनकी छवि ने दर्शकों के दिलों में ऐसी जगह बनाई, जो दशकों बाद भी कायम है.

नई दिल्ली. 80 years old छोटे पर्दे पर कदम रखकर ऐसा इतिहास रच दिया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है. शुरुआत में परिवार भी उनके टीवी पर काम करने के फैसले से खुश नहीं था, लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था. धार्मिक धारावाहिक के लिए हुए लंबे ऑडिशन में उन्होंने करीब 40 लड़कियों को पीछे छोड़ एक ऐसा किरदार हासिल किया, जिसने उन्हें हमेशा के लिए अमर बना दिया. More information See More सच में देवी का रूप मानने लगे. फैंस पैर छूकर आशीर्वाद लेते, आरती उतारते और फूल-मालाएं चढ़ाते थे. यहां तक कि देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी तक इस सीरियल की वीसीआर कैसेट मंगवाने को मजबूर हो गए थे.

रामानंद सागर की ‘रामायण’ आज भी दर्शकों के दिलों में बसी है. एक्टर अरुण गोविल और दपिका चिखलिया आज भी भगवान राम और मां सीता के नाम से पहचाने जाते हैं. इस धार्मिक सीरियल का असर ऐसा था कि खुद राजीव गांधी ने दीपिका चिखलिया से इसकी वीसीआर कैसेट मांगी थी. इस किरदार ने दीपिका चिखलिया के पूरे जीवन को बदलकर रख दिया, लेकिन मां सीता का किरदार पाना आसान नहीं था.

January 29, 1965, January 29, 1965. पूरे जीवन को बदल देगा. अपने शुरुआती करियर में भी अभिनेत्री ने सोच है, लेकिन उस वक्त टेलीविजन को इडियट बॉक्स कहते थे और फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्रियों की तुलना में टीवी See करने वाले कलाकारों को कम आंका जाता था. यही कारण था कि दीपिका का परिवार टेलीविजन पर काम करने के फैसले से थोड़ा नाखुश था.

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दीपिका ने 1980 में टीवी सीरीज ‘रिश्ते-नाते’ से अपने करियर की शुरुआत की और फिर वे रामांनद सागर के ही सीरियल दादा-दादी की कहानी और विक्रम बेताल में नजर आईं.

इसी दौरान दीपिका ने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें सामने से मां सीता के रोल के ऑडिशन के लिए बुलाया जाएगा, लेकिन स्क्रीन टेस्ट देना भी आसान नहीं था. पहले दिन स्क्रीन टेस्ट में 40 लड़कियों के बीच , फिर दूसरे ऑडिशन में लड़कियां आधी हो गईं और तीसरे ऑडिशन में कुछ ही लड़कियां बची थीं, जिसमें दीपिका भी शामिल थीं, लेकिन कुछ हफ्तों के लंबे इंतजार के बाद उन्हें सीरियल के लिए साइन किया गया.

रामानंद सागर की ‘रामायण’ में भगवान राम और मां सीता की जोड़ी को प्रेम और समर्पण के साथ पेश किया गया, लेकिन असल जिंदगी में सेट पर दीपिका चिखलिया, अरुण गोविल और सुनील लहरी के बीच बहुत कम बातचीत होती थी.

खुद दीपिका ने खुलासा किया था कि अरुण गोविल और सुनील लहरी बहुत अच्छे दोस्त थे और वह खुद को सेट पर बहुत रिजर्व रखती थीं और रामानंद सागर की पत्नी और उनके बेटे की बहू से ज्यादा बात करती थी. थोड़ी बहुत बात होती थी तो वो भी अरविंद त्रिवेदी से, जिन्होंने रावण का किरदार निभाया था. हालांकि उनसे भी गहरी दोस्ती नहीं थी.

रामायण करने के बाद दीपिका की जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आया. फैंस और उनके घर के बड़े-बुजुर्ग भी उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते थे. फैंस आरती उतारते थे और फूल-माला अर्पित करते थे.

More information छूने से मना कर दिया था.उनका कहना था कि खाना झूठा हो गया है. इसके बाद उनके लिए अलग से शुद्ध खाने का इंतजाम किया गया हालांकि इस बीच दोनों को काफी लंबे समय तक भूखा रहना पड़ा था.

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