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77th Republic Day Parade red carpet signifies for its foreign policy how MEA connects India and the world | गणतंत्र दिवस की परेड का रेड कार्पेट, यहीं से Yes, yes! कैसे चुने जाते हैं मुख्य अतिथि & more related news here

77th Republic Day Parade red carpet signifies for its foreign policy how MEA connects India and the world | गणतंत्र दिवस की परेड का रेड कार्पेट, यहीं से Yes, yes! कैसे चुने जाते हैं मुख्य अतिथि

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Republic Day red carpet and foreign policy: देश में 77वें गणतंत्र दिवस की धूम है. इसकी पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी (President Droupadi Murmu addresses the nation) किया. रायसीना हिल से शुरू होने वाली परेड को देखने के लिए जब मुख्य अतिथि रेड कार्पेट पर भारत के राष्ट्रपति के साथ बग्घी या कार में फिर मंच तक पैदल जाने का जो चंद कदमों का फासला तय करते हैं, उसमें भविष्य के लिए बड़े संकेत छिपे होते हैं.

मुख्य अतिथि कौन होगा? इसका चयन दूरगामी हितों को ध्यान में रखकर होता है. अतिथि देश का चुनाव करने में विदेश य की अहम भूमिका होती है. कैसे महज चंद घंटों के आयोजन में शामिल होने आए मुख्य अतिथि के मूल देश के साथ भारत के , आइए इसके बारे में आपको बताते हैं. मुख्े लिए बिछाए गए रेड कार्पेट में भविष्य में भारत की विदेश नीति की झलक दिख जाती है.

विदेश नीति और विदेशी मेहमान

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगुवाई में होने वाली परेड की अध्यक्षता भारतीय राष्ट्रपति करते हैं, और चीफ गेस्ट उनके बगल में बैठते हैं. जो प्रेसिडेंशियल चेयर के एकदम नजदीक बैठते हैं. More information More information डेर लेयेन हैं. 77 साल के भारतीय गणतंत्र के वैभव और ताकत के गवाह बनेंगे.

चीफ गेस्ट कौन होगा इसे लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीफ ख सरकार किसी खास समय पर जिस देश या क्षेत्र के , उसे ही न्योता दिया जाता है.

वर्तमान वैश्विक स्थितियां और अतिथि देश

इस बार के आयोजन के मुख्य अतिथि के भारत दौरे के शेड्यूल पर नजर डालें तो बहुत सी चीजें अपने आप साफ हो जाती हैं. More information 25 of 27, 2026, January 25, 2026. यात्रा पर रहेंगे. ये नेता गणतंत्र दिवस समारोह के साथ-साथ भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे. उर्सुला ने रविवार को नई दिल्ली में लैंड आ से पहले कहा था कि यूरोपियन यूनियन भारत के साथ अभूतपूर्व डील (मदर ऑफ आल डील) करने जा रहा है.

वर्तमान समय में दुनिया ट्रंप के टैरिफ थ्रेट से परेशान है. ट्रंप भारत पर दबाव डाहे हैं. नई दिल्ली बिना वाशिंगटन के दबाव में आए अपने फैसले ले रही है. रूस से सस्ते तेल की खरीद से लेकर रूस से रक्षा संबंध और मजबूत होने से ट्रंप खफा है. जानकारों का कहना है कि ट्रंप जैन थ्योरी पर चल रहे हैं, उसकी शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने कई दशक पहले की थी.

इस थ्योरी पर ट्रंप अप्रत्याशित फैसले लेकर दुनिया को धमका रहे है. वो NATO में शामिल देशों को धमका रहे हैं. बदले में पश्चिमी दुनिया के उनके खास दोस्त भी ट्रंप को खरी-खोटी सुना रहे हैं. ऐसी टॉक्सिक ग्लोबल परिस्थितियों के बच यूरोप और भारत एक दूसरे के और करीब आए हैं. 2026 के गणतंत्र अ स्वागत में बिछे रेड कार्पेट वेलकम से हो रही है.

गणतंत्र दिवस की इस परेड में दुनियाभर के नेताओं ने हिस्सा लिया है. कुछ अपवाद छोड़ दें तो हर मुख्य अतिथि के चयन की प्रक्रिया ने भारत के वैश्विक रिश्तों और रणनीतिक प्राथमिकताओं में आए बदलाव की ओर सीधा इशारा किया है. हमारे अमेरिका, ब्रिटेन से लेकर श्रीलंका और भूटान तक के नरेश आयोजन के मुख्य अतिथि रह चुके हैं.

गोपनीय प्रक्रिया

26 जनवरी की परेड के चीफ ख दुनिया के साथ भारत के बदलते संबंधों को बखूबी दिखाती है. चीफ गेस्ट के चयन का प्रॉसेस गोपनीय रहता ै. More information मंत्रालय के दफ्तर से होती है. MEA है. चीफ गेस्ट कौन होगा? आखिरी फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ करता है. आगे चुने हुए देशों के साथ ऑफिशियल संवाद होता है. अमूमन इस प्रोसेस में कई महीने लग जाते हैं. More information

परेड अपडेट

26 hours 9.30 hours. एंट्री गेट सुबह 7 बजे खुल जाएंगे. दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण होगा. परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तिरंगा फहराएंगी. इसके बाद कर्तव्य पथ पर परेड शुरू होगी. सेना, सुरक्षाबलों की टुकड़ियों, राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों की झांकी निकलेगी. आगे एक एयरफोर्स का फ्लाई-पास्ट होगा, जिसमें राफेल, सुखोई जैसे 29 जेट हिंद की ताकत दिखाएंगे.



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