केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की चुनावी सभा में सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। हुआ यह कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार आर श्रीलेखा मंच से नाराज होकर चली गईं।
केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की चुनावी सभा में सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। हुआ यह कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार आर श्रीलेखा मंच से नाराज होकर चली गईं। वट्टियरकावु विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में श्री जयशंकर ने अपने संबोधन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का उल्लेख किया, लेकिन उसी क्षेत्र की उम्मीदवार श्रीलेखा का नाम नहीं लिया। इस पर नाराज होकर पूर्व आईपीएस अधिकारी और पार्षद श्रीलेखा बीच कार्यक्रम में ही मंच छोड़कर चली गईं।
इस बात पर आपत्ति
पार्टी सूत्रों के अनुसार उन्हें इस बात से अधिक आपत्ति थी कि पड़ोसी क्षेत्र के उम्मीदवार का जिक्र किया गया। जबकि स्थानीय उम्मीदवार होने के बावजूद उनका नाम नहीं लिया गया। मंच से उतरने के बाद उन्होंने अपनी नाराजगी राजीव चंद्रुरम के मेयर वी वी राजेश के सामने भी जाहिर की। बताया जाता है कि उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता जी सोमन से भी इस मुद्दे पर तीखी बातचीत की।
समझाने-बुझाने के बाद लौटीं
इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप किया और काफी समझाने के बाद श्रीलेखा को दोबारा मंच पर लाया गया, जिससे कार्यक्रम सामान्य रूप से आगे बढ़ सका। है, जहां कांग्रेस के के. मुरलीधरण और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वी के प्रशांत भी मैदान में हैं।
एक-दूसरे पर हमले तेज
केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार को समाप्त होने के बीच कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने सोमवार को एक-दूसरे पर तेज हमले किए। 2021 के अपने 97 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं।
€140 €890
निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 1.32 करोड़ पुरुषों, 1.39 273 तृतीय लिंग सहित 2.71 करोड़ मतदाता तथा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं। More than 140 more than 890 more चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाजपा के बीच समझौते का आरोप लगाया। उसने वायनाड में भूस्खलन पीड़ितों आवास के लिए कांग्रेस द्वारा जुटाई गई राशि के कुप्रबंधन का आरोप लगाया। इन मुद्दों को लेकर दलों के बीच तीखी बयानबाजी हुई।
