Rajasthan Mausam Live: राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच शनिवार रात मौसम ने एक बड़ा यू-टर्न लिया है. प्रदेश की राजधानी जयपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदलने से जनजीवन को काफी राहत मिली है. 8 बजे के बाद से जयपुर के जवाहर नगर, झोटवाड़ा और वैशाली नगर जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई. दौसा के साथ करौली और बीकानेर जिलों में अचानक मौसम ने करवट ले ली और कई इलाकों में ओलावृष्टि के साथ बारिश दर्ज की गई. दौसा के महुआ और सिकराय 20 min 21 पर यातायात बाधित हो गया. महवा विधायक राजेंद्र मीणा भी रास्ते में फंस गए, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.
दौसा में ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित
टोडाभीम में ओलों के साथ बारिश, मौसम हुआ सुहाना
नोखा में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि
दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली. इलाके में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया. कई गांवों में नींबू के आकार के बड़े-बड़े ओले गिरे, जिससे खेतों और सड़कों पर सफेद चादर सी बिछ गई. डीडवाना, निजामपुरा, बेडौली, डूंगरपुर, रालावास, अमराबाद और रामगढ़ पचवारा समेत आसपास के गांवों भ अचानक बदले मौसम से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा और फसलों को भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है.
बानसूर में बारिश संग ओले, गर्मी-उमस से मिली राहत
कोटपूतली जिले के बानसूर क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ले ली. इलाके में तेज गर्जना के साथ बारिश हुई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई. कई जगहों पर चने के आकार के ओले भी गिरे, जिसने मौसम को और असरदार बना दिया. लंबे समय से पड़ रही गर्मी और उमस से परेशान ग्रामीणों को इस बदलाव से राहत मिली है. बारिश के बाद तापमान में गिरावट अ जिससे मौसम सुहावना हो गया. हालांकि, कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि से हल्का नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है.
राजस्थान के कई जिलों में मौसम ने करवट लेने के संकेत दिए हैं. अजमेर, बूंदी, कोटा, बारां, सवाई माधोपुर, टोंक, भरतपुर, अलवर, जयपुर, दौसा, धौलपुर और करौली – साथ मेघगर्जन और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है. इस दौरान अचानक तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा है.
टोंक जिले के उनियारा में ककोड़ चौकी पर तैनात एक कांस्टेबल का शव संदिग्ध अवस्था मेँ से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल अपनी ड्यूटी के दौरान गश्त पर निकला था, जिसका शव बाद में रूपपुरा मोड के पास पड़ा मिला. More information पुलिस और उनियारा सर्किल के आला अधिकारी मौके पर पहुँचे. घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है और पुलिस की विभिन्न टीमें इस मामले की जांच में जुटी हैं कि यह कोई सड़क हादसा है या फिर हत्या की साजिश. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है.
जयपुर: राजधानी में प्रकृति का तांडव, भीषण तूफान और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
हवाई सेवाओं पर असर: जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग बाधित, दो फ्लाइट्स दिल्ली डायवर्ट
राजस्थान में गर्मी का सितम: जैसलमेर और बाड़मेर में पारा 46 डिग्री के पार
तूफान और बारिश के बीच प्र्सों में भीषण गर्मी का दौर भी जारी है. राजस्थान के मुख्य शहरों में तापमान ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं:
- Age: 46 years
- Length: 46 minutes
- Number: 45 डिग्री सेल्सियस
- Duration: 45 min
- Year: 45 years
- Number: 43 years
- Number: 42 people
प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में लू का प्रभाव बना हुआ है, जबकि राजधानी और आसपास के इलाकों में आंधी-बारिश ने फिलहाल पारे को नीचे गिराया है.
जहां एक ओर पूर्वी और मध्य राजस्थान के कई जिलों में बारिश से ठंडक घुली है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, फलोदी और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती इलाकों में गर्मी का असर अब भी बरकरार है. मौें अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो राज्य में सर्वाधिक रहा. हालांकि, आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यहां भी राहत मिलने की उम्मीद है.
मौसम विभाग का येलो और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य में अक तीन दिन आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है. एक नए मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव आया है.
3 min.: राज्य के कई जिलों भ किमी/घंटा) है.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी
मौसम विभाग ने आंधी-बारिश के प्रभाव से राज्य के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री से नीचे रहने और हीटवेव से राहत की संभावना जताई है. विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खुले में , . आंधी-तूफान के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें.
