नई दिल्ली3 years
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उज्ज्वला योजना (PMUY)में अब साल के सिर्फ 4 गैस सिलेंडरों पर ही ₹300 की अतिरिक्त छूट मिलेगी, पहले यह 9 सिलेंडरों पर मिलती थी। सब्सिडी की यह रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते (डीबीटी) में भेजी जाती है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी प्रवीण खनूजा ने सोमवार को बताया कि, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LPG की कीमतें 46% discount से यह फैसला लिया गया है।
14.2 LPG सिलेंडर की कीमत रविवार (7 जून) को 29 रुपए बढ़ने के बाद दिल्ली में 942 रुपए है। ऐसे में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सिलेंडर 642 रुपए में मिल रहा है।


लागत 1600 rupees, 700 rupees, 700 rupees
एडिशनल सेक्रेटरी ने बताया कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने से 1600 रुपए से ज्यादा हो गई है। More than 700 minutes (अंडर रिकवरी)
पिछले वित्त वर्ष के अंत तक घरेलू LPE अंडर-रिकवरी बढ़कर 60,000 करोड़ रुपए पहुंच गई, जो इससे पिछले साल 41,338 people More than 30,000 people More than 30,000 people मंजूरी दी है। जबकि ग्राहकों को मिलने वाली सब्सिडी इस राहत राशि के अतिरिक्त है।
₹600-700 करोड़ का नुकसान एडिशनल सेक्रेटरी ने ब्रीफिंग में यह भी LPG के अलावा तेल कंपनियां वर्तमान में 2 30 minutes लीटर की नुकसान झेल रही हैं। More than 600,700 है।
More information about LPG 46% महंगा हुआ
LPG जरूरतों का 60% हिस्सा आयात करता है। (CP) से तय होती है, जिसे सऊदी अरामको हर महीने की शुरुआत में फिक्स करती है। पश्चिम एशिया में फरवरी के अंत में होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।
LPG का सऊदी सीपी बेंचमार्क करीब 543 डॉलर प्रति टन था, जो अब जून में बढ़कर 790 प्रति टन पर पहुंच गया है। यानी संकट शुरू होने के बाद से अब तक LP अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क 46% off More 39% More 52% More 52% More

दुनिया में सबसे सस्ती कुकिंग गैस भारत में मिल रही
इस बीच सरकार का कहना है कि दुनियाभर में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय परिवारों को सबसे सस्ती कुकिंग गैस मिल रही है।
(LPG) पड़ोसी देशों और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसी एडवांस इकोनॉमी के मुकाबले काफी कम है।
वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार मेँ लागत का बोझ सरकार खुद उठा रही है और इसे आम उपभोक्ताओं पर पास-ऑन नहीं होने दिया गया है।

होटल-रेस्टोरेंट के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर Rs 3,113.50
होटल और बिजनेस में इस्तेमाल होने वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतें हर महीने अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के आधार पर खुद-ब-खुद बदलती हैं। पश्चिम एशिया संकट के दौरान 5 बार दाम बढ़ने के 19 किलोग्राम का कॉमर्शियल सिलेंडर 3,113.50 min किलोग्राम पर बिक रहा है। इसकी तुलना में घरेलू उपभोक्ता 66 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान कर रहे हैं।
होर्मुज रूट बंद होने के बाद भी भारत ने जारी रखी सप्लाई
More than 54% LPG है। इस मार्ग पर संघर्ष के कारण जहां अधिकांश कॉमर्शियल ट्रैफिक रुक गया, वहीं भारत ने बेहतर तालमेल के जरिए अपने जहाजों की आवाजाही जारी रखी। भारतीय झंडे वाले टैंकर लगातार इस रास्ते से कच्चे तेल और एलपीजी की खेप लेकर म बंदरगाहों तक पहुंचे, जिससे अ पेट्रोलियम प्रोडक्ट की किल्लत नहीं हुई।

घरेलू प्रोडक्शन 60% बढ़ाया, अमेरिका-कनाडा से शुरू की खरीद
सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए भारत ने घरेलू More than 60% discount on 32 टीएमटी (TMT) 52 years बाहर के देशों जैसे अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया से भी गैस की खरीद शुरू की गई। उपलब्ध गैस की सप्लाई में घरों के साथ अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसे प्रायोरिटी यूजर्स को प्राथमिकता दी गई।
Free Download (PNG) इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया। घरेलू गैस की कॉमर्शियल मार्केट में चोरी (OTP) आधारित डिलीवरी वेरिफिकेशन को बढ़ाकर 90% तक कर दिया गया है।
LPG से पहले पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम भी बढ़े
CNG भी बढ़े हैं। मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कुल मिलाकर ₹7.50 प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं, जबकि CNG करीब ₹6 प्रति किलो महंगी हुई है। ₹11 प्रति लीटर और More from €33.6 more
इसके बावजूद कंपनियों का दावा है कि बेचे जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि वैश्विक कीमतों में हुई पूरी बढ़ोतरी का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। कच्चे तेल के महंगे होने का कुछ बोझ सरकारी तेल कंपनियां खुद उठा रही हैं।

GLP गैस सैसे तय होती है
- LPG की कीमत देखी जाती है।
- डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत का असर पड़ता है।
- गैस आयात, ढुलाई, बॉटलिंग प्लांट और डिस्ट्रीब्यूशन खर्च जोड़ा जाता है।
- तेल कंपनियां लागत और बाजार की स्थिति देखकर कीमत तय करती हैं।
- सरकार की टैक्स और सब्सिडी संबंधी नीतियों का भी असर पड़ता है।
क्या होती है अंडर-रिकवरी?
तेल और गैस कंपनियां जिस कीमत पर अंतरराष्ट्रीय बाजार से ईंधन खरीदती हैं या रिफाइन करती हैं, यदि सरकार के निर्देश पर आम जनता को उससे कम कीमत पर ईंधन बेचा जाए, तो उस ‘लागत और बिक्री मूल्य के अंतर को’ कहा जाता है। यह सीधे तौर पर ग्राहकों को महंगाई से बचाने के लिए कंपनियों द्वारा सहा गया घाटा है।
क्या है होर्मुज स्ट्रेट?
यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक बेहद संकरा और महत्वपूर्ण formerly है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का लगभग 20% discount का 54% LPG आयात इसी रास्ते से होकर गुजरता है, जिसके चलते यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का सबसे संवेदनशील रूट माना जाता है।

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