Mercury retrograde in Gemini: 2026 को होने जा रहा है। बुध अपनी राशि में उलटी चाल से चलेंगे जिसका 12 राशियों पर अलग-अलग तरह से होने वाला है। See More करियर और कारोबार में नई संभावनाएं बने वाला साबित होगा तो य सावधानी बरतनी होगी। देखें बुध के मिथुन राशि में वक्री गोचर से किस पर कैसा प्रभाव रहेगा। इस गोचर का आपकी राशि पर क्या असर पड़ेगा।

बुध की वक्री चाल का मेष राशि पर प्रभाव
वक्री बुध का मोचर मेष राशि वालों के तीसरे भाव में होगा। तीसरे भाव में बुध ग्रह के गोचर को अच्छा परिणाम देने वाला नहीं माना जाता है। इस दौरान गलतफहमियां सामने आ सकती हैं। इससे विवाद और यहां तक कि टकराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है। More information ऐसे में आपके लिए बेहतर होगा कि यात्रा को फिलहाल टाल दें। इसके साथ ही आपको जल्दबाजी के निर्णय लेने से बचना होगा।
उपाय- बुधवार के दिन हरी चूड़ियां दान करें।
बुध की वक्री चाल का वृषभ राशि पर प्रभाव
मिथुन राशि में गोचर के दौरान बुध की वक्री चाल आपके दूसरे भाव को प्रभावित करेगी। दूसरे भाव में बुध के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। लेकिन इस दौरान बुध की वक्री के साथ-साथ अस्त अवस्था के कारण आपको परिणाम उतने अच्छे नहीं मिलेंगे। इस दौरान घर और पारिवारिक जीवन में कुछ उथल-पुथल की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। आपके आर्थिक स्थिति पर भी इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में जल्दबाजी में लिए गए फैसले का विपरीत परिणाम देखने को मिलेगा।
उपाय- अपने रहने के स्थान पर बुध यंत्र स्थापित करें।
बुध की वक्री चाल का मिथुन राशि पर प्रभाव
बुध गोचर मिथुन राशि के पहले भाव में होने जा रहा है। इस दौरान आपको मिले जुले परिणाम देखने को मिलेंगे। More information इसके साथ ही किसी की बात पर आंख मूंद कर विश्वास न करें। किसी की निंदा करना आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इस दौरान फिजूलखर्ची से बचें और आर्थिक मामले मंतुलन बनाकर रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
उपाय- बुधवार के दिन हरे रंग के कपड़े दान करें।
बुध की वक्री चाल का कर्क राशि पर प्रभाव
कर्क राशि वालों के लिए बुध गोचर आपके बारहवें भाव में देखने को मिलेगा। More information माना जाता है। आपके खर्चों पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। बुध गोचर की अवधि के दौरान आप जरूरत से ज्यादा खर्च करेंगे। इसलिए, बेहतर यही होगा कि आप संयम बरतें और अपने बजट को बिगड़ने न दें। दस्तावेजों से संबंधित परेशानियां भी के सामने खड़ी हो सकती हैं।
उपाय-बुधवार के दिन अपनी मां के लिए उपहार खरीदें।
बुध की वक्री चाल का सिंह राशि पर प्रभाव
सिंह राशि वालों के 11min गोचर होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष में इसे लाभ भाव भी कहा जाता है। इस भाव में बुध के गोचर को अच्छा माना जाता है। इस दौरान आपकी आमदनी बढ़ेगी और कुछ बड़े काम सूझबूझ से पूरे हो जाएंगे। हालांकि, वक्री बुध के कारण गलतफहमी और कार्यों में गति धीमी हो सकती है। इसलिए धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी है। नौकरी में कुछ अनुकूल परिणाम मिलने की अच्छी उम्मीदें हैं। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय- नियमित रूप से गणेश चालीसा का पाठ करें।
बुध की वक्री चाल का कन्या राशि पर प्रभाव
कन्या राशि वालों के दसवें भाव पर बुध गोचर का प्रभाव पड़ेगा। यह गोचर आपको मिले जुले परिणाम देने वाला साबित होगा। व्यापार से जुड़े जातक सावधानी के साथ काम करेंगे तो अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। सफलता के लिए आपको अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। इस दौरान कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। हालांकि, सूझबूझ से आप इन कठिनाइयों को अच्छे से पार कर लेंगे। पदोन्नति और वेतन वृद्धि में फिलहाल देरी हो सकती है।
उपाय- बुधवार के दिन गाय को पालक खिलाएं।
बुध की वक्री चाल का तुला राशि पर प्रभाव
तुला राशि वालों के नौवें भाव में बुध के वक्री होने का प्रभाव दिखाई देगा। ज्योतिष में इसे भाग्य का भाव भी कहा जाता है। गोचर के दौरान बुध आपके भाग्य भाव के स्वामी होकर भाग्य भाव में जा रहे हैं। More information मिल सकते हैं। लंबी दूरी की यात्राओं के लिए यह समय अच्छा नहीं हैं। यात्रा का प्लान फिलहाल रद्द करना आपके लिए फायदे का सौदा रहेगा। इस दौरान मेहनत करने वाले लोगों को भाग्य का सपोर्ट मिलेगा और कामों में आ रही बाधाओं में कमी आएगी।
उपाय- बुधवार के दिन गणेश जी को हरी दूब चढ़ाएं
बुध की वक्री चाल का वृश्चिक राशि पर प्रव
मिथुन राशि में बुध का गोचर आपके आठवें भाव को प्रभावित करेगा। कुंडली का आठवां भाव दीर्घायु, परिवर्तन और जीवन में अचानक होने वाली घटनाओं से जुड़ा हुआ माना जाता है। कानून के क्षेत्र से जुड़े जातकों को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिलेंगे। हालांकि बुध का यह गोचर आपको अप्रत्याशित रूप से धन लाभ भी दिलाने वाला रहेगा। वहीं, कार्यों में खड़ी हो रही रूकावटों के बाद कुछ सफलता मिलने की उम्मीद है। वाणी पर संयम रखेंगे तो परिणाम अच्छे मिलेंगे।
उपाय- ध्यान योग की मुद्रा में बैठकर कम से कम 5 मिनट तक ओम का उच्चारण करें।
बुध की वक्री चाल का धनु राशि पर प्रभाव
धनु राशि वालों की कुंडली के सातवें भाव में बुध का मिथुन राशि में गोचर होने जा रहा है। इस भाव में बुध का गोचर अच्छा नहीं माना जाता है, लेकिन इस अवधि में कुछ अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद की जा सकती है। इस दौरान व्यापारिक साझेदारों में मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में छोटी-मोटी समस्याएं बड़े विवादों में तब्दील हो सकती हैं। अपने जीवनसाथी के साथ समय बिताने की कोशिश करें। सेहत का ख्याल रखें।
उपाय- गाय को हरी पालक खिलाएं और बुध मंत्र का जाप करें।
बुध की वक्री चाल का मकर राशि पर प्रभाव
मकर राशि वालों के लिए छठे भाव को वक्री बुध प्रभावित करेंगे है। इस दौरान स्वास्थ्य से संबंधित कुछ चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। छिपे हुए प्रतिद्वंद्वियों से सावधान रहें। बुध का यह गोचर आपके मान सम्मान को बढ़ाने वाला साबित होगा। पढ़ाई लिखाई से जुड़े हुए लोगों का प्रदर्शन इस अवधि में काफी अच्छा रह सकता है। दूसरों पर जल्दी भरोसा न करें और न ही अपनी योजनाएं किसी से साझा करें।
उपाय-बुधवार के दिन कन्याओं का पूजन करें और दान करें।
बुध की वक्री चाल का कुंभ राशि पर प्रभाव
कुंभ राशि वालों के पंचम भाव में बुध गोचर का प्रभाव देखने को मिलेगा। बुध का वक्री और अस्त रहना आपके मन को अशांत कर सकता है। इस दौरान आपको प्रेम जीवन में थोड़ी अस्थिरता महसूस हो सकती है। कुछ रिश्तों के टूटने की भी नौबत आ सकती है। बड़े जोखिम लेने से बचें और शेयर बाजार में निवेश करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा हालात आपके पक्ष में आते जाएंगे।
उपाय- बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं।
बुध की वक्री चाल का मीन राशि पर प्रभाव
मिथुन राशि में बुध गोचर के दौरान चौथे भाव में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। इस अवधि में आपकी माता के स्वास्थ्य से संबंधित कुछ समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस अवधि के दौरान घर पर अधिक समय बिताने की कोशिश करें। हालांकि जमीन जायदाद से संबंधित मामलों में आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। बुध का गोचर समाज में बड़े लोगों से संबंध स्थापित करने में आपकी मदद करेगा।
उपाय- घर में बुध यंत्र स्थापित करें और भगवान गणेश की पूजा करें।