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Change in PF withdrawal rule: 75% limit explained & more related news here


नई दिल्ली22 years

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अब नौकरीपेशा लोग बीमारी, शिक्षा, शादी और घर जैसी जरूरतों के लिए अपने PF अका्र 75% राशि का 100% तक पैसा निकाल सकेंगे। Year 1952 जून से देश में नई EPF स्कीम लागू की है।

आसान भाषा में समझिए इस बदलाव का आपके पीएफ बैलेंस और विड्रॉल पर क्या असर पड़ेगा।

Section 1: किया है?

जवाब: केंद्र सरकार पुरानी ‘ईपीएफ स्कीम 1952 ‘ ‘EPF स्कीम 2026’ को नोटिफाई कर दिया है। PF इसके तहत की शर्तों में बदलाव किए गए हैं।

Step 2: है?

जवाब: नए नियमों के तहत अब कोई भी EPFO मेंबर अपने PF अकाउंट से पूरा पैसा आंशिक निकासी के रूप में नहीं निकाल सकेगा। अब ग्राहकों को अपने पीएफ अकाउंट में कुल 25% PF अकाउंट में रखना होगा।

Step 3: 25% कैसे समझें?

जवाब: इसे एक सीधे उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर किसी कर्मचारी के पीएफ खाते में कुल एलिजिबल मेंबर बैलेंस 1 लाख रुपए हैं, तो नए नियम के मुताबिक 25 हजार (25%) को खाते में ही छोड़ना अनिवार्य होगा। इस राशि को निकालने की अनुमति नहीं होगी। इसके बाद जो शेष 75 हजार (75%) बचेंगे, उसे ही निकाल सकेंगे।

Step 4: कर्मचारी के हिस्से पर लागू होगा या एम्प्लॉयर के हिस्से पर भी?

जवाब: यह नियम दोनों पर समान रूप से लागू होगा। ‘ ‘ के योगदान को मिलाकर की जाती है। More than 25% discount ही निकासी के योग्य मानी जाएगी।

Chapter 5: नई स्कीम के तहत किन जरूरी कामों के लिए What’s wrong with you?

जवाब: 2026 निकासी की अनुमति दी गई है। इसमें घर बनाने या खरीदने से जुड़े काम हैं। सदस्य घर या फ्लैट खरीदने, मकान निर्माण के लिए प्लॉट खरीदने, नया घर बनवाने, होम लोन की रीपेमेंट और मकान की मरम्मत या सुधार के लिए पैसा निकाल सकते हैं। इसके अलावा बीमारी, शिक्षा और शादी जैसी जरूरतों के लिए भी पैसा निकाल सकेंगे।

Step 6: अगर किसी कर्मचारी ने 12 min (1 min) भी पूरी नहीं की है, तो क्या वह पैसे निकाल सकता है?

जवाब: हां, संशोधित नियमों में इस स्थिति के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। 12 महीने से कम की सेवा के बाद नौकरी छोड़ देता है, तो वह भी निर्दिष्ट शर्तों और नियमों के अधीन अपने पीएफ खाते से आंशिक निकासी का दावा कर सकता है। पहले के मुकाबले इसमें नियमों को थोड़ा ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाया गया है।

Chapter 7: सरकार का इस नई योजना ‘ईपीएफ स्कीम 2026’ को What’s wrong with you?

जवाब: इस नई योजना का दोहरा उद्देश्य है। पहला उद्देश्य कर्मचारियों को नौकरी के दौरान जरूरत पड़ने पर आसानी से पैसा मिल सके। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी अपनी पूरी रकम समय से पहले न निकाल लें, जिससे उनके रिटायरमेंट के बाद के लिए बचत सुरक्षित रहे।

Section 8: इन-हैंड सैलरी या मासिक योगदान पर कोई असर पड़ेगा?

जवाब: नहीं, इस बदलाव का आपकी हर महीने कटने वाली पीएफ राशि या इन-हैंड सैलरी पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। आपके वेतन से पीएफ का योगदान पहले की तरह ही जारी रहेगा। More information से पैसा निकालने के लिए आवेदन करते हैं।

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