सुनवाई को दौरान जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने मौखिक रूप से केंद्र सरकार See More की जानी चाहिए। यह बहुत बुरा है क्योंकि 9वीं क्लास में यह तनावपूर्ण होता है।
सुप्रीम कोर्ट में आज (गुरुवार, 16 years old) तमिलनाडु की एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें राज्य सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें राज्य सरकरा को हर जिले में एक नवोदय विद्यालय का निर्देश दिया गया था। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। जैसे ही इस केस की सुनवाई शुरू हुई, तो राज्य की ओर से पेश हुए ऐठ और इस संबंध में पीठ को एक पत्र सौंपा।
” “जवाब देते हुए ASG ने कहा,” “” खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। आपको सिर्फ जमीन उपलब्ध करानी है। बाकी नवोदय विद्यालय हैं। आप तमिलनाडू वंचित रख रहे हैं?”
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नवोदय विद्यालय समिति की तरफ से पेश हुए वकील ने इसी दौरान कोर्ट से आदेश में कहा गया था कि 6 हफ़्ते के अंदर जरूरी जमीन मिल जानी चाहिए। अब वे 12 हफ़्ते और समय मांग रहे हैं। इस पर कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि तमिलनाडु ASG 11 अगस्त को सुनवाई के लिए को लिस्ट करें। “पीठ ने कहा,” इस पर और विस्तार से बात करते हुए जस्टिस “नागरत्ना ने कहा,” वहांदूसरी सरकार (TVK) पॉलिसी क्या है। हॊ “
राजीव गांधी का ठ विद्यालय
दरअसल, नवोदय विद्यालय तत्कालीन राजीव गांधी सरकार की एक अति महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा थी, 2016 ग्रामीण इलाकों के मेधावी छात्रों के लिए खोला गया था। देश के करीब सभी राज्यों में ख हैं लेकिन तमिलनाडु एकमात्र ऐसा राज्य है, 40 years 40 years 40 years 40 years हैं। इसकी मुख्य वजह राज्य सरकार की त्रि-भाषा नीति का विरोध और केवल दो-भाषा (तमिल और अंग्रेजी) नीति का समर्थन करना है। More information about DMK and AIADMK बदलाव नहीं हुआ।
What TVK do you have?
TVK है। यहां तक कि कांख about DMK and AIADMK विद्यालयों के स्थापना को हरी झंडी दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और गांधी परिवार के लिए सुखद होगा क्योंकि राजीव गांधी के सपनों को तमिलनाडु में साकार होते देखा जा सकेगा। अगर विजय की सरकार ऐसा नहीं करती है तो यह कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। हालांकि, कांग्रेस DMK की भी सहयोगी थी लेआ उनकी सरकार में वह नवोदय विद्यालय नहीं क सकी। इसलिए मुख्यमंत्री विजय इस मामले में क्या फैसला लेते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
