लखनऊ। (2026-27) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रवाद, कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत और विकास के मुद्दों पर विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने 1.06 करोड़ लाभार्थियों के लिए पेंशन ” ‘ More information नहीं है और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश की आस्था और विकास दोनों को बाधित किया।
Download को पेंशन दे रहे हैं। अभी उन्हें 12 हजार सलाना मिलता है। जल्द ही हम इसे बढ़ाने वाले हैं। परसों (15 फरवरी) खन्ना कर देंगे।
सीएम के इस ऐलान के बाद महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों की पेंशन 1000 हजार रुपये से 1500 रुपए होगी। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में भी इसकी घोषणा की थी।
सीएम योगी ने कहा कि सपा-कांग्रेस के लोग वंदे मातरम का विरोध करते हैं, जबकि यह राष्ट्र की अस्मिता से जुड़ा विषय है। “हिंदुस्तान की खाएंगे, लेकिन वंदे मातरम ख रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। सीएम ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की नीति के कारण सपा सरकारें अयोध्या और मथुरा के श का विरोध करती रहीं। कांवड़ यात्रा रोकी जाती थी, और दीपोत्सव का विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आस्था का केंद्र है और विरासत के साथ विकास ही पुनर्जागरण है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में दंगों की जगह “टेम्पल इकोनॉमी” विकसित हो रही है। प्रयागराज में आयोजित माघ मेले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले कुंभ में 12 min 21 स्नान करने पहुंचे। यह कानून-व्यवस्था पर जनता के बढ़े विश्वास का परिणाम है।
2017 समय अपराधी समानांतर सरकार चला रहे थे, माफिया खुलेआम घूमते थे, बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। अब यूपी उपद्रव नहीं, उत्सव का प्रदेश है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की, कर्फ्यू से कानून के राज की, उपद्रव से उत्सव की, समस्या से समाधान की और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। आज यूपी बीमारू राज्य नहीं, बल्कि देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और विकास का इंजन बनकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधुनिक फॉरेंसिक साइंस सिस्टम लागू किया गया है। पहले जहां दो-तीन फॉरेंसिक लैब थीं, अब 12 प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं और लखनऊ में स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है।
More information More than 60,244 people भी व्यापक विस्तार हुआ है। पीएसी का पुनर्गठन किया गया है, तीन महिला पीएसी वाहिनियां गठित की गई हैं और तीन और गठित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। इसके बावजूद विपक्ष का व्यवहार न केवल संवैधानिक प्रमुख का, बल्कि मातृशक्ति का भी अपमान था।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि सनातन की बात करने वालों को अपने से बड़ी महिला के प्रति सम्मानजनक आचरण करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार पिछले आठ वर्षों में छह करोडे अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी रेखा से ऊपर लाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को राशन, स्वास्थ्य और अन्य योजनाओं का लाभ यथtric मिलता रहेगा। सदन में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार सत्ता की होड़ में नहीं, बल्कि सुशासन, स्पष्ट नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रही है।
