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Gas production: सिर्फ 100 मीटर की दूरी… और भारत को रोज हो रहा ₹13 का महाभंडार – Unused natural gas Indian power companies in northeast demand pipeline interconnection pngrb & more related news here


पूर्वोत्तर से होने वाले कुल घरेलू गैस उत्पादन का लगभग 15% discount के बेकार पड़ा है। OIL, ONGC, वेदांता आदि ने सरकार से मांग की है कि कॉमन See More से जोड़ने पर लगी पाबंदी को तुरंत हटाया जाए।

Domestic gas pipeline in the northeast.
पूर्वोत्तर में प्राकृतिक गैस का भंडार।
नई दिल्ली: Image file (PNGRB) से एक बड़ी मांग की है। कंपनियों का कहना है कि कॉमन कैरियर पाइपलाइनों को क्षेत्रीय पाइपलाइनों से जोड़ने पर लगी पाबंदी को तुरंत हटाया जाए। More than 10% सकता है, जिससे राष्ट्रीय आपूर्ति पर दबाव काफी कम हो जाएगा। इन कंपनियों में ऑयल इंडिया (OIL) हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी, ऑयलमैक्स एनर्जी और वेदांता शामिल हैं।

More than 15% हिस्सा यानी करीब 14 मिलैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (MMSCMD) गैस बिना किसी इस्तेमाल के बेकार पड़ा है। 19 से 20 डॉलर प्रति mmbtu की महंगी दर पर 95 MMSCMD एलएनजी (LNG) का आयात करना पड़ रहा है। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार इस वजह से देश को हर साल लगभग 50 करोड़ डॉलर (करीब 4757 करोड़ रुपये) का भारी विदेशी मुद्रा नुकसान हो रहा है। रोजाना का यह नुकसान करीब 13 करोता है।
LNG Price: LNG असर

सिर्फ100 मीटर की दूरी और कानूनी अड़चन

More information:

  1. दुलियाजान-नुमालीगढ़ पाइपलाइन
  2. असम गैस कंपनी लिमिटेड (AGCL) नेटवर्क
  3. इंद्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड (IGGL) 2

मुख्य समस्या: More information लेविन PNGRB कानूनी रूप से आपस में जोड़ा नहीं जा सकता।

क्या है कंपनियों की मांग?

(PNGRB) नियमों में सिर्फ एक अस्थायी छूट दे दे, तो महज 6 हफ्तों के भीतर ऊपरी असम क्षेत्र में बेकार पड़ी लगभग 8 MMSCMD गैस को ग्रिड में डाला जा सकता है।

समाधान बहुत सीधा है। PNGRB से अनुरोध किया है कि वे कॉमन कैरियर पाइपलाइन को अन्य पाइपलाइनों से जोड़ने की अस्थायी अनुमति दें। इसमें केवल छह सप्ताह का समय लगेगा और लगभग 6 से 8 MMSCMD गैस तुरंत उपयोग में लाई जा सकेगी, जो इस संकट के समय में भारत की बड़ी मदद करेगी।

कपिल गर्ग, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, ऑयलमैक्स एनर्जी

5 years

Year 1889 अरब घन मीटर का रिकवरेबल रिजर्व योग्य भंडार) मौजूद है। ऑयल इंडिया का दुलियाजान, ओएनजीसी का लकवा व गेलेकी और त्रिपुरा का अगरतला डोम दशकों से See More पूरी कर रहे हैं।

इसके बावजूद आज पूर्वोत्तर की पांच राज्य राजधानियां शिलांग, इम्फाल, कोहिमा, आइजोल और गंगटोक पाइपलाइन गैस कनेक्शन से पूरी तरह कटी हुई हैं और वहां के तीनों मौजूदा नेटवर्क अलग-थलग पड़े हैं।

शुरुआती प्लानिंग में हुई चूक

IGGL मांग को लेकर कोई सही पूर्वानुमान या प्लानिंग नहीं थी। पूरे ऊपरी असम क्षेत्र को डिमांड सर्वे से बाहर छोड़ दिया गया था। जब घरेलू गैस की कीमतें कम थीं, तब कंपनियों को लगा कि इसे निकालने की लागत बहुत ज्यादा ।

अब जब गैस मौजूद है तो इसे बाहर निकालने के लिए कोई निकासी लाइन ही नहीं है। अकेले दुलियाजान में 8 MMSCMD गैस बेकार पड़ी है। अगर हम आज भी पाइप बिछाना शुरू करें, तो दो साल लग जाएंगे।

लेखक के बारे मेंराजेश भारतीराजेश भारती, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। Year 2024 NBT डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं। वह कमोडिटी मार्केट, शेयर मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, क्रिप्टोकरेंसी पर मजबूत पकड़ रखते हैं। 16 years old, हेल्थ रिपोर्टिंग, बिजनेस-इन्वेस्टर समिट आदि कवर किए हैं। राजेश भारती प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ डेस्क पर भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। राजेश भारती को प्रिंट मीडिया में काम करने का 12 years old माध्यम से भी नवभारत टाइम्स के चाहने वालों तक पहुंच रखते हैं। सोना-चांदी की कीमतों को लेकर नवभारत टाइम्स के लिए कमोडिटी एक्सपर्ट के रूप में भूमिका निभाते हैं। More information उनमें नई जानकारी देना भी है। पत्रकारिता अनुभव राजेश भारती का पत्रकारिता करियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार 2009 में शुरू हुआ। भोपाल के बाद वह दैनिक भास्कर में ही उप-संपादक के रूप में इंदौर 2011 तक रहे। इसके बाद वह इंदौर 2011 से दिसंबर 2013 तक दबंग दुनिया अखबार में इंटरनेशनल ढ पर रहे। Year 2012 Year 2013: 2013 डिजिटल (DB Digital) के साथ नई पारी शुरू की। बाद में वह पत्रकारिता में लौटे और औरंगाबाद (महाराष्ट्र) की। Year 2017 जुड़े और वहां सिटी रिपोर्टिंग के साथ डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाली। करीब एक साल बाद टाइम्स ग्रुप के साथ शुरुआत की। Year 2018 टेक एंड गैजेट्स, एजुकेशन आदि विषयों पर रिसर्च बेस्ड स्टोरी कीं। इस दौरान देश के कई बड़े-बड़े एक्सपर्ट से बातें कीं और उनके व्यू स्टोरी में रखे, जिससे स्टोरी में नयापन आया। 2024 से नवभारत टाइम्स, ठ (चौधरी चरण सिंह) यूनिवर्सिटी), खुर्जा से साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) से ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। Examples: Year 2012 समिट’ के लिए।… और पढ़ें



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