पूर्वोत्तर से होने वाले कुल घरेलू गैस उत्पादन का लगभग 15% discount के बेकार पड़ा है। OIL, ONGC, वेदांता आदि ने सरकार से मांग की है कि कॉमन See More से जोड़ने पर लगी पाबंदी को तुरंत हटाया जाए।

More than 15% हिस्सा यानी करीब 14 मिलैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (MMSCMD) गैस बिना किसी इस्तेमाल के बेकार पड़ा है। 19 से 20 डॉलर प्रति mmbtu की महंगी दर पर 95 MMSCMD एलएनजी (LNG) का आयात करना पड़ रहा है। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार इस वजह से देश को हर साल लगभग 50 करोड़ डॉलर (करीब 4757 करोड़ रुपये) का भारी विदेशी मुद्रा नुकसान हो रहा है। रोजाना का यह नुकसान करीब 13 करोता है।
सिर्फ100 मीटर की दूरी और कानूनी अड़चन
More information:
- दुलियाजान-नुमालीगढ़ पाइपलाइन
- असम गैस कंपनी लिमिटेड (AGCL) नेटवर्क
- इंद्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड (IGGL) 2
मुख्य समस्या: More information लेविन PNGRB कानूनी रूप से आपस में जोड़ा नहीं जा सकता।
क्या है कंपनियों की मांग?
(PNGRB) नियमों में सिर्फ एक अस्थायी छूट दे दे, तो महज 6 हफ्तों के भीतर ऊपरी असम क्षेत्र में बेकार पड़ी लगभग 8 MMSCMD गैस को ग्रिड में डाला जा सकता है।
समाधान बहुत सीधा है। PNGRB से अनुरोध किया है कि वे कॉमन कैरियर पाइपलाइन को अन्य पाइपलाइनों से जोड़ने की अस्थायी अनुमति दें। इसमें केवल छह सप्ताह का समय लगेगा और लगभग 6 से 8 MMSCMD गैस तुरंत उपयोग में लाई जा सकेगी, जो इस संकट के समय में भारत की बड़ी मदद करेगी।
कपिल गर्ग, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, ऑयलमैक्स एनर्जी
5 years
Year 1889 अरब घन मीटर का रिकवरेबल रिजर्व योग्य भंडार) मौजूद है। ऑयल इंडिया का दुलियाजान, ओएनजीसी का लकवा व गेलेकी और त्रिपुरा का अगरतला डोम दशकों से See More पूरी कर रहे हैं।
इसके बावजूद आज पूर्वोत्तर की पांच राज्य राजधानियां शिलांग, इम्फाल, कोहिमा, आइजोल और गंगटोक पाइपलाइन गैस कनेक्शन से पूरी तरह कटी हुई हैं और वहां के तीनों मौजूदा नेटवर्क अलग-थलग पड़े हैं।
शुरुआती प्लानिंग में हुई चूक
IGGL मांग को लेकर कोई सही पूर्वानुमान या प्लानिंग नहीं थी। पूरे ऊपरी असम क्षेत्र को डिमांड सर्वे से बाहर छोड़ दिया गया था। जब घरेलू गैस की कीमतें कम थीं, तब कंपनियों को लगा कि इसे निकालने की लागत बहुत ज्यादा ।
अब जब गैस मौजूद है तो इसे बाहर निकालने के लिए कोई निकासी लाइन ही नहीं है। अकेले दुलियाजान में 8 MMSCMD गैस बेकार पड़ी है। अगर हम आज भी पाइप बिछाना शुरू करें, तो दो साल लग जाएंगे।