मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट के बीच सरकार और तेल कंपनियों ने बड़ा अपडेट दिया है. देश में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को सबसे पहले गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों को सीमित आपूर्ति की जा रही है.
सरकारी तेल कंपनी Bharat Oil में कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और एलपीजी आयात पर लगी पाबंदियों के कारण सप्लाई को सावधानी से वितरित किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक गैस पहुंचाई जा सके.
कंपनी के अनुसार फिलहाल घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. वहीं होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक क्षेत्रों की मांग का आकलन एक संयुक्त 2 कर रही है.
संयुक्त समिति तय कर रही है गैस आवंटन
BPCL These include Indian Oil Corporation (IOC) and Hindustan Petroleum (HPCL) and others. एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी शामिल हैं. यह समिति विभिन्न सेक्टरों से आने वाली मांगों की समीक्षा कर रही है और जरूरत और तात्कालिकता के आधार पर गैस सिलेंडरों का आवंटन किया जा रहा है.
आयात प्रभावित, लेकिन सरकार कर रही प्रयास
तेल कंपनियों ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण एलपीजी आयात प्रभावित हुआ है. इसके बावजूद सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि एलपीजी का आयात सुचारू रूप से जारी रहे और देश में सप्लाई प्रभावित न हो. कंपनी के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है.
पीएम मोदी ने भी की अपील
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराहट में खरीदारी से बचने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है, लेकिन भारत सरकार हर स्थिति में देशहित को सर्वोपरि रखती है.
बता दें कि एलपीजी की सीमित उपलब्धता का असर देश के कई शहरों में होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों पर भी देखने को मिल रहा है, जहां कमर्शियल ख सामने आई हैं. More information सुनिश्चित की जा रही है और जल्द ही सप्लाई की स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी.
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