Time Room

JP वेदांता, SC ने कहा- NCLAT करे फैसला – jaypee vedanta vs adani supreme court nclat ntcpsc property dispute & more related news here

JP वेदांता, SC ने कहा- NCLAT करे फैसला – jaypee vedanta vs adani supreme court nclat ntcpsc property dispute

 & more related news here


जेपी इंफ्राटेक के अधिग्रहण को लेकर छिड़ी कॉर्पोरेट जंग देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गई है. Vedanta (Vedanta) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. (NCLT) के उस (Adani Group) को रेजोल्यूशन प्लान के तहत जेपी की संपत्तियों को संभालने की मंजूरी दी गई थी.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वेदांता की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उनकी कंपनी ने बड़ी बोली लगाई थी. “सिब्बल ने कहा,” €3000 “” वेदांता ने कोर्ट से गुहार लगाई कि जब तक इस मामले की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक संपत्तियों का ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से फॉर्मूला 1 (F1) ट्रैक और कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण पर चिंता जताई.

यह भी पढ़ें: कभी शहर की शान थे, अब पसरा है सन्नाटा, क्यों फेल हुए भारत के 70% मॉल

प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान जेपी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ए.एम. सिंघवी ने कहा कि रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने इस पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया कि किसकी योजना बेहतर है. वहीं, अडानी समूह का पक्ष रखते हुए मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि वेदांता ने शुरुआती स्तर पर योजना का विरोध नहीं किया था. जस्टिस बागची ने इस दौरान टिप्पणी की कि (COC) के किसी भी बड़े फैसले या कदम के लिए संबंधित अधिकारियों और ट्रिब्यूनल का अनुमोदन अनिवार्य है.

सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT को सौंपी जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, क्योंकि यह NCLAT (NCLAT) के पास सुनवाई के लिए लगा हुआ है. NCLAT से अनुरोध किया कि वह तय तारीख (10 अप्रैल) पर ही इस मामले की सुनवाई करे. , इसलिए कोर्ट ने कोई नया स्टे ऑर्डर जारी नहीं किया.

क्या है पूरा विवाद?

See More बदहाली और कर्जदाताओं का पैसा वसूलने से जुड़ा है. अडानी ग्रुप ने एक रेजोल्यूशन प्लान के जरिए इसकी संपत्तियों स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स शामिल हैं) के अधिग्रहण की बोली जीती थी. हालांकि, वेदांता का आरोप है कि उनकी ऊंची बोली को दरकिनार कर प्रक्रिया के साथ समझौता किया गया है.

—- समाप्त —-



Source link

Exit mobile version