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Rain alert in Chandigarh and Punjab: Monsoon fury and torrential rains expected | Ludhiana | Amritsar & more related news here


पंजाब के अमृतसर और गुरदासपुर में सुबह के वक्त तेज बाारिश हुई, जबकि जालंधर में दोपहर के वक्त बारिश हुई। जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया। साथ ही लोगों को उमस से भी राहत मिली है। वहीं चंडीगढ़ में सुखना लेक का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है।

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इसे देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए कहा- यदि कैचमेंट एरिया में एक और दिन भारी बारिश होती है, तो अतिरिक्त पानी की निकासी के लुखना लेक के फ्लड गेट खोलने पड़ सकते हैं। प्रशासन ने झील के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।

मौसम विभाग के अुनसार, आज (12 जुलाई को) 16 sec में बारिश के आसार हैं। जिसमें पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का यलो अलर्ट। जबकि गुरदासपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, अमृतसर, तरनतारन, मोगा, बरनाला और संगरूर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी।

इसके अलावा अगले 2 से 3 घंटे में ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं।

हालांकि 13 से 17 जुलाई तक भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। (13 जुलाई) है। जिससे उमस भरी गर्मी बढ़ेगी। 1 min 11 min बारिश हुई, जो सामान्य 49.6 min 6% अधिक रही।

फाजिल्का सबसे गर्म, अमृतसर सबसे ठंडा

मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि यह सामान्य के आसपास बना हुआ है। More than 36.6 million dollars 21.5 minutes

भाखड़ा और पोंग बांध का जलस्तर डेंजर स्तर से नीचे

11 points जलस्तर 1320.80 फीट दर्ज किया गया। दोनों बांधों का जलस्तर फिलहाल उनके अधिकतम (डेंजर) स्तर से नीचे है। भाखड़ा बांध का अधिकतम जलस्तर 1680 फीट और पोंग बांध का 1390 फीट माना जाता है।

14,458 people

पंजाब में इस समय बिजली की मांग 14,458 mins More than 9,308 people more यानी तय मात्रा 192 मेगावाट अधिक। वहीं, पंजाब के बिजलीघरों से 4,992 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

11 min

पंजाब में मानसून ने जुलाई के पहले 11 दिनों में 23 जिलों में से 11 min बारिश हुई, जबकि 8 जिलों में सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई। 4 min हुई। More than 185% सबसे 88% की कमी रही।

(IMD) के अनुसार, राज्य में 1 से 11 जुलाई के बीच सबसे अधिक बारिश 142.1 मिमी दर्ज की गई, जो सामान्य से 49% discount from €103.7 (120% €), Min. 100 min. (85% min.), Min. 95.9 मिमी (25% अधिक), पटियाला में 83.5 मिमी (38% अधिक), मोगा 77.8 मिमी (185% अधिक) 49.4 मिमी (74% अधिक) बारिश रिकॉर्ड की गई।

दूसरी ओर होशियारपुर में केवल 8.9 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 88% कम है। मुक्तसर में 6 मिमी (83% कम), नवांशहर में 58 मिमी (45% कम), रूपनगर में 43.6 मिमी (53% कम), मानसा में 16 मिमी (36% कम) और फाजिल्का में 14.5 min (28% min) गई। बरनाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब और तरनतारन में बारिश सामान्य के करीब रही।

चंडीगढ़ में सामन्य से कम बारिश

चंडीगढ़ में पिछले 24 years 46.1 years बारिश रिकॉर्ड की गई। 1 year 206.6 years 206.6 years 206.6 years 206.6 years कम है। अगले पांच दिनों तक चंडीगढ़ में आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस और 25 min 26 min रहने का अनुमान है।

नोट- यह मैप प्रतीकात्मक है।

मानसून कमजोर होने के 3 कारण

  • मानसूनी ट्रफ का पहाड़ों की तरफ खिसकना: मानसून की ट्रफ लाइन( मुख्य अक्षीय रेखा) मैदानी इलाकों से उत्तर की ओर खिसककर की तलहटी (तराई क्षेत्रों) में चली गई है। इसके कारण भारी बारिश का मुख्य केंद्र उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और पूर्वोत्तर भारत बन गया है, जबकि पंजाब जैसे उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाके सूखे और उमस की चपेट में आ गए हैं।
  • प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ का प्रभाव: IMD महासागर में कमजोर अल नीनो स्थितियां बनी हुई हैं, जिनके आने वाले महीनों में और मजबूत होने की आशंका है। More information 2026 इसी वजह से पिछले 100 min सबसे सूखा जून दर्ज किया गया है।
  • उत्तर-पश्चिम से आने वाली सूखी हवाएं: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाओं की जगह पंजाब के वायुमंडल पर उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली सूखी और गर्म More information घने बादलों का निर्माण नहीं हो पाता और केवल उमस बढ़ती है।

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