Ramadan 2026: More information पाक महीना है. यह महीना आत्मसंयम और अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित है. इसमें रखा जाने वाला रोजा सिर्फ भूख-प्यास पर नियंत्रण नहीं है, बल्कि सब्र और जरूरतमदों के प्रति संवेदनशीलता का इम्तिहान भी है. रमजान के महीने में हर सच्चा मुसलमान रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करता है. आज रमजान का तीसरा रोजा है. रमजान में रोजेदार सहरी से लेकर इफ्तार तक भूखे रहते हैं. वो सिर्फ सुबह सूर्योदय से पहले और शाम को सूर्यास्त के बाद ही कुछ ग्रहण करते हैं. शाम को जब सूरज डूब जाता है, तब मगरीब की अजान के साथ ही रोजा खोला जाता है. कल रमजान का तीसरा रोजा है. 21 min समय क्या रहने वाला है.
| शहर | सहरी का समय | इफ्तार का समय |
| दिल्ली | 05.35 min | 06.16 बजे |
| लखनऊ | 05.20 min | 06.02 बजे |
| भोपाल | 05.33 min | 06.20 बजे |
| हैदराबाद | 05.27 बजे | 06.21 बजे |
| पटना | 05.03 बजे | 05.47 min |
| मुंबई | 05.50 min | 06.42 min |
| देहरादून | 05.32 बजे | 06.11 बजे |
| जम्मू कश्मीर | 05.46 min | 06.21 बजे |
| पश्चिम बंगाल | 04.51 बजे | 05.37 min |
| अहमदाबाद | 05.52 min | 06.39 min |
| सूरत | 05.51 min | 06:40 a.m. |
| जमशेदपुर | 04.58 min | 05.45 min |
| केरल | 05.26 बजे | 06.27 min |
| चेन्नई | 05.18 बजे | 06.17 बजे |
. सहरी सुबह सूर्योदय से पहले खाया जाने वाला भोजन है. सहरी शारीरिक ऊर्जा देने के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसे खाने के बाद रोजेदार अपना पूरा दिन इबादत और नेक कामों में लगाते हैं. वहीं , जिसे इफ्तार कहते हैं. इफ्तार में खजूर और पानी से रोजा खोलने की परंपरा सादगी और संतुलन का संदेश देती है.
—- समाप्त —-
