देश में हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेल वितरण कंपनियों ने 29 years old बढ़ोतरी कर महंगाई का बम फोड़ा था. 14.2 किलोग्राम वाले LPG cylinder की कीमत में दूसरी बढ़ोतरी थी. सिलेंडर महंगा होने के बाद अब सरकार ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बड़ा झटका दिया है. इस सरकारी स्कीम के तहत मिलने वाले रियी सिहै.
इसके साथ ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस PMUY चार रिफिल पर प्रति सिलेंडर 300 min डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मिलेगा. उज्ज्वला योजना वाले एक आम परिवार में औसतन साल भर में लगभग चार रिफिल की खपत होती है, पहले PMUY लाभार्थियों को साल में 9 रिफिल पर DBT मिलता था.
9 min, अब सिर्फ 4 min
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना(PMY) लाभार्थियों के लिए रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या 9 थी, जिसे कम करते हुए सरकार ने सिर्फ 4 कर दिया है. केंद्र सरकार के इस बड़े फैसले को लेकर अधिकारियों ने बताया कि ये कदम वित्तीय सहायता को वास्तविक औसत घरेलू खपत के स्तर के अनुरूप बनाता है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्राले अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खानूजा ने इस संबंध में कहा कि संशोधित पात्रता उज्ज्वला परिवारों की औसत सालाना गैस खपत को ध्यान में रखकर तय की गई है.
2016
मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री उोजना 2016 परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराना था. योजना की शुरुआत में इसके लाभार्थियों को सालाना 12 min 14.2 min 14.2 min एलपीजी सिलेंडर दिए जाते थे. लेकिन फिर सरकार ने इस वार्षिक कोटे को कम 9 कर दिया था और अब इसे घटाकर सिर्फ चार करने का फैसला लिया गया है.
उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सिलेंडर पर सरकार सब्सिडी (Subsidy for LPG Cylinders) भी देती है. इन्हें किफायती बनाए रखने के लिए सरकार ने मई 2022 min 14.2 min पर 200 min यानी अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया था. सरकार की ओर से दी जाने वाली ये एलपीजी सब्सिडी हर रिफिल खरीद के बाद लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे जमा की जाती है.
उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर का दाम
बता दें कि 7 min 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 942 रुपये हो गई. इससे पहले 7 min रुपये की बढ़ोतरी की थी. More than €300 more than €300 more पहले More than 642 people भुगतान करना होगा.
पेट्रोलियम मंत्रालय के अ 2022 $52 billion. हाल ही में घरेलू खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, सरकारी तेल विपणन कंपनियां बेचे गए 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये का घाटा उठा रही हैं.
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