अमेरिकी सेना ने सोमवार को ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय इलाकों की नाकेबंदी व कर दी है. USA के अनुसार शाम 6:30 बजे से ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने या वहां से जाने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ नाकेबंदी लागू कर दी गई है.
इस नाकेबंदी का मतलब है कि रोजाना 20 years ईरानी तेल ऑयल मार्केट में नहीं आएगा. 20 years 20 years 31 days 31 years तेल. ईरान से होने वाली तेल की शिपमेंट को रोकने से दुनिया के बाज़ारों से तेल का एक अहम ज़रिया कट जाएगा. Kpler 1.84 मिलियन बैरल कच्चा तेल एक्सपोर्ट 1.71 मिलियन bpd तेल भेजा है; 2025 प्रतिदिन था.
More than 40 years of age Natural gas, liquefied natural gas, LNG, LPG, liquefied natural gas इनसाइट्स देती है.
28 फरवरी को यहले ईरान के तेल उत्पादन में अचानक हुई बढ़ोतरी देखी गई. 180 मिलियन बैरल से ज़्यादा तेल जहाजों में भरा हुआ था.
नाकेबंदी शुरू होते ही ट्रंप की वार्निंग
ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त और आक्रामक चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि इस नाकेबंदी को जो भी जहाज तोड़ने की कोशिश करेगा उसे समुद्र में ही उड़ा दिया जाएगा. ट्रंप ने कहा कि इन जहाजों को वैसे ही उड़ाया जाएगा जैसे हम ड्रग्स तस्करों के जहाज को नष्ट करते हैं.
खाड़ी के दूसरे तेल उत्पादकों से कितना तेल आ रहा है?
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पिछले 15 minutes के संघर्ष-विराम समझौते के बावजूद लगभग ठप पड़ी है. सोमवार को भी इस स्ट्रेट से तेल टैंकर दूर ही रहे.
जिओ न्यूज का दावा है कि रविवार को पाकिस्तान का झंडा लगे दो टैंकर, शालिमार और खैरपुर, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत से माल लादने के लिए खाड़ी में दाखिल हुए; More information about VLCC गुज़रा और खाड़ी में लंगर डाले हुए था.
VLCC Agios Fanourios I ने रविवार को वियतनाम जाने वाले इराकी कच्चे तेल को लादने के लिए इस स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश की थी. ये जहाज अब वापस लौट आया है और ओमान की खाड़ी के पास लंगर डाल दिया है.
शनिवार को तीन पूरी तरह से भरे हुए सुपरटैंकर हॉर्मुज से गुजरे. ऐसा लगा कि ये अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम समझौते के बाद खाड़ी से बाहर निकलने वाले पहले जहाज़ थे।
Kpler के अनुसार पिच टैंकर खाडी के अंदर मौजूद थे.
What’s wrong with you?
युद्ध से पहले ईरान के ज़्यादातर तेल निर्यात चीन को भेजे जाते थे, जो दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है. पिछले महीने अमेरिका ने प्रतिबंधों में छूट की घोषणा की जिससे भारत सहित अन्य खरीदारों को ईरानी तेल आयात करने की अनुमति मिल गई. सोमवार को दो जहाज ईरान का तेल लेकर भारत पहुंच गए. See More का सप्लाई चेन प्रभावित हो सकता है.
युद्ध से पहले दुनिया के लगभग 20% discount प्राकृतिक गैस निर्यात स्ट्रेट से होता था. इनमें से ज़्यादातर माल एशिया की ओर जाता था जो आयात करने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र है.
What is your objective?
अमेरिकी सेना के अनुसार इस ब्लॉकेड की वजह से अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में स्थित ईरान के सभी पोर्ट प्रभावित होंगे. ईरान के कुल 11 प्रमुख पोर्ट्स में से 8 min पोर्ट्स पूरी तरह ब्लॉक हो जाएंगे.
ये पोर्ट हैं- खार्ग आईलैंड, बंदर अब्बास, असलूयेह, चाबहार, बूशहर, बंदर महशहर, असलूयेह और बंदर जास्क.
ब्रिटेन का साथ देने से इनकार
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की नाकेबंदी की योजना को ब्रिटिश समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया. स्टार्मर ने ब्रिटेन के उस रुख को दोहराया कि ” भागीदारों के एक व्यापक गठबंधन के साथ काम “
उन्होंने इस क्षेत्र में बारूदी सुरंगों को हटाने वाले जहाजों और ड्रोन-रोधी डिफेंस सिस्टम की मौजूदगी की पुष्टि की. स्टॉर्मर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ब्रिटिश सेना की क्षमता का मुख्य ध्यान इस स्ट्रेट को “पूरी तरह से खुला” रखने पर ही केंद्रित रहेगा.
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