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अगर आप बॉलीवुड की वही घिसी-पिटी और प्रेडिक्टेबल फिल्में देखकर बोर हो चुके हैं, तो कुछ नया ट्राई करने का समय आ गया है. हम आपके लिए लेकर आए हैं बॉलीवुड की 8 ऐसी शानदार डार्क कॉमेडी फिल्में, जिनमें खौफनाक अपराध, सस्पेंस और मर्डर मिस्ट्री के बीच भी गजब का कॉमिक तड़का लगाया गया है. इन फिल्मों की अनोखी कहानियां और कमाल का सस्पेंस आपको अंत तक स्क्रीन से बांधे रखेगा और गंभीर से गंभीर सिचुएशन में भी आपकी हंसी छूट जाएगी.

नई दिल्ली. अगर आप कुछ हटके और थ्रिल से भरपूर देखना चाहते हैं, तो ये डार्क कॉमेडी फिल्में आपके लिए ही हैं. इन मूवीज में खौफनाक साजिशों और अनोखे सस्पेंस के बीच कमाल का कॉमिक तड़का लगाया गया है, जो आपको हैरान करने के साथ-साथ हंसने पर भी मजबूर कर देगा. अगर आप बोरिंग घिसी-पिटी कहानियों से दूर कुछ नया और मजेदार एक्सपीरियंस करना चाहते हैं, तो 8 years old कर लीजिए.

मां बहन: यह एक सोशल सटायर फिल्म है, जिसकी कहानी एक बिंदास सिंगल मदर और उसकी बेटियों के इर्द-गिर्द घूमती है. इन तीनों की जिंदगी में उस वक्त भूचाल आ जाता है, जब इन्हें अचानक अपने पड़ोस के किचन में एक लावारिस लाश मिलती है. इसके बाद रातों-रात उनकी दुनिया पूरी तरह बदल जाती है और वह खुद को एक अजीबोगरीब मुसीबत में फंसा हुआ पाती हैं.

Terms: सस्पेंस और धोखे से भरी यह फिल्म भारतीय सिनेमा की बेहतरीन थ्रिलर मानी जाती है. कहानी एक ऐसे पियानो प्लेयर की है जो अंधा होने का नाटक करता है, लेकिन अनजाने में एक पूर्व एक्टर के मर्डर का गवाह बन जाता है. यहां से शुरू होता है मौत और जिंदगी का एक ऐसा अजीब खेल, जिसमें गजब का डार्क ह्यूमर अंत तक बांधे रखता है.
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मोनिका ओ माई डार्लिंग: शानदार रेट्रो म्यूजिक और नियॉन लाइट्स के बैकड्रॉप पर बनी . वह ब्लैकमेलिंग के एक ऐसे जाल में फंस जाता है जो देखते ही देखते मर्डर मिस्ट्री में बदल जाता है. फिल्म के अजीबोगरीब और दिलचस्प किरदार कहानी को बेहद मजेदार बनाते हैं. लालच और सर्वाइवल पर बनी यह डार्क-कॉमेडी दर्शकों को एक अलग ही थ्रिल देती है.

डेल्ही बेली: कम बजट में तगड़ा धमाल मचाने वाली यह एक कल्ट-क्लासिक कॉमेडी फिल्म है. कहानी दिल्ली में रहने वाले तीन लापरवाह रूममेट्स की है, जो न चाहते हुए भी एक खतरनाक गैंगस्टर के निशाने पर आ जाते हैं. More information पूरी कहानी में ऐसा तगड़ा रायता फैलाता है कि आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे.

डार्लिंग्स: घरेलू हिंसा जैसे गंभीर य पर बनी यह फिल्म एक अलग ही अंदाज य के सामने आती है. इसमें एक प्रताड़ित पत्नी अपने ही घर में अपने जालिम पति को किडनैप कर उसे सबक सिखाने का फैसला करती है. फिल्म बहुत ही खूबसूरती से गहरे दर्द के बीच में भी कमाल का कॉमेडी का तड़का लगाती है, जिसे लीड किरदारों की दमदार एक्टिंग ने और भी यादगार बना दिया है.

गो गोवा गॉन: यह भारत की पहली और सबीन जॉम्बी-कॉमेडी फिल्म मानी जाती है. कहानी तीन दोस्तों की है, जो गोवा के एक सुनसान आइलैंड पर रेव पार्टी करने जाते हैं, लेकिन वहां उनका पाला जॉम्बीज से पड़ जाता है. इस मुसीबत से निकलने के लिए उन्हें एक रशियन माफिया जॉम्बी हंटर का साथ मिलता है. फिल्म में जॉम्बीज से बचने की उनकी ये जंग बेहद फनी है.

लूडो: यह चार अलग-अलग कहानियों को एक साथ पिरोने वाली एक रंगीन और दिलचस्प एंथोलॉजी फिल्म है. इसमें एक सनकी गैंगस्टर, लीक हुआ सेक्स टेप और पैसों से भरा एक लावारिस बैग जैसी कई कहानियां एक मोड़ पर आकर आपस में टकराती हैं. फिल्म बहुत ही मजेदार तरीके से दिखाती है कि कैसे किस्मत, जिंदगी, मौत और इंसान के अच्छे-बुरे कर्म आपस में जुड़े हुए हैं.

ब्लैकमेल: यह फिल्म अपनी शादीशुदा जिंदगी से परेशान एक ऐसे शख्स की कहानी है, जिसे एक दिन पता चलता है कि उसकी पत्नी का किसी और से अफेयर चल रहा है. गुस्से में आने के बजाय वह अपनी ही पत्नी के बॉयफ्रेंड को गुमनाम बनकर ब्लैकमेल करने का प्लान बनाता है. लेकिन पासा उल्टा तब पड़ता है, जब ब्लैकमेलिंग की एक ऐसी चेन शुरू होती है जो खुद उसी पर भारी पड़ जाती है.
