Gold Investment India 2026: सोना भारतीय मिडिल क्लास के लिए हमेशा से महंगा रहा है। पिछले कुछ साल से सोने के दाम आसमान छू रहे हैं। यह लोगों की पहुंच से लगभग बाहर हो गया है। इसके बावजूद भी सोने की डिमांड में कमी नहीं आई है। इस बीच एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लोगों की ओर से सोने की खरीदारी में बदलाव आया है। इसमें लोग सोना खरीदने के बजाय निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। यानी लोगों के लिए अब सोना कमाई का जरिया बन गया है। मौजूदा वित्त वर्ष में सोना खरीदने वालोँ हिस्सेदारी बढ़कर 40 फीसदी तक पहुंच सकती है।
इकोनॉमिक टाइम्स य 2025 Year 2025 Year 2025 Year 2025 Year 2025 गिर गई, जबकि इसका लंबे समय का औसत 70 फीसदी रहा है। कंपनी के डायरेक्टर अखिल गोयल ने कहा कि यह “ बदलाव” नजर आ रहा है। बता दें कि भारत दुनिया भर में सोने के सबसे बड़े कंज्यूमर्स में से एक है।
निवेश का हिस्सा 40% तक पहुंचने की उम्मीद
अनुमान है कि वित्त 2026-27 तक कुल सोने की खपत में निवेश (Indians who buy gold to invest) की हिस्सेदारी बढ़कर 35 से 40 फीसदी तक पहुंच सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 60 फीसदी के स्तर पर, गहनों की खपत दुनिया के औसत 50 फीसदी से ज्यादा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सोने में निवेश की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) और सोने की ईंटों और सिक्कों की खरीद में हुई बढ़ोतरी है। यह अन्य कारणों के साथ-साथ सोने को एक सुरक्षित निवेश (safe haven) मानने की बढ़ती मांग को भी दर्शाता है।
सोने में लोग क्यों कर रहे हैं निवेश
2025 में गहनों की मांग में 10 min Time 4.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। एजेंसी का मानना है कि सोने की कीमतें अब एक ऐसे दौर में पहुंच गई हैं जहां वे ऊंचे स्तर पर टिकी रहेंगी। More information को और मजबूती दे रहे हैं। साफ है कि अब सोना सिर्फ तिजोरी की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित करने का सबसे भरोसेमंद हथियार बन गया है।
