महाराष्ट्र पॉलिटिक्स न्यूज,महाराष्ट्र शिवसेना को नई ताकत देने जुटे ऎ बीजेपी की तर्ज पर हर बूथ को करेंगे मजबूत, जानें प्लान – eknath shinde focuses on strengthening shiv sena in maharashtra as bjp mera stand sabse majboot mantra decides to appoint two bla – Politics News
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Maharashtra Politics: शिवसेना के ढांचे को और मजबूत करने में जुट गए हैं। उनकी अगुवाई में जहां दूसरे दलों के पदाधिकारी जहां लगातार शिवसेना में जुड़ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ से उन्होंने नवनियुक्त संपर्क प्रमुखों और विभागीय 2 के साथ पहली बैठक में साफ कर दिया है काम करने रुकेंगे, लापरवाही करने वालों की छुट्टी होगी।
शिवसेना को मजबूत बनाने के मिशन में जुटे हैं एकनाथ शिंदे।(फोटो– नवभारतटाइम्स.कॉम)
मुंबई: मुंबई बीएमसी चुनावों में कमजोर प्रदर्शन के बाद एकनाथ शिंदे शिवसेना को मजबूत बनाने की मिशन पर काम रहे हैं। पिछले दिनों उन्हें बेटे श्रीकांत शिंदे का कद बढ़ाते हुए उन्हें मुंबई और एमएमआर की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसी के साथ उन्होंने तमाम पार्टी नेताओं को महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों का पा नियुक्त किया था। इसमें संजय निरुपम जैसे बड़े नेता भी शामिल थे। अब शिंदे ने क्वालिटी पर फोकस करने का फैसला किया है। हाल ही में ही एक बैठक में एकनाथ शिंदे ने साफ कहा कि काम नहीं करने वालों पद छोड़ना पड़ेगा।
निकम्मों पर गिरेगी गाज
उपमख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का मैसेज साफ है कि अगर पार्टी को कोई जिम्मेदारी दी है तो उसके साथ न्याय करना होगा। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि शिंदे ख न कहीं निकम्मे मंत्रियों को कड़ा मैसेज दे दिया है कि पार्टी अगर रिजल्ट नहीं देंगे तो घर भेजने में संकाेच नहीं करेगी। बीएमसी चुनावों के बाद पार्टी को डिप्टी मेयर का पद मिला था। इसके साथ एमएमआर में कई जगह पार्टी मजबूत स्थिति में कल्याण डोंबिवली के साथ ठाणे में मेयर की कुर्सी पर कब्जा है। शिंदे चाहते हैं शिवसेना को और मजबूत किया जाए। शिवसेना से जुड़े नेताओं का कहना है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपना पूरा फोकस शिवसेना संगठन को मजबूत करने पर केंद्रित कर दिया है। ऐसी भी चर्चा है कि जब मानसून सत्र से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा तो शिंदे की शिवसेना को एक बर्थ और मिल सकती है। इसके लिए श्रीकांत शिंदे का नाम चल रहा है।
दो बीएलए की नियुक्ति का आदेश
एकनाथ शिंदे ने यह तैयारी तब की है जब महाराष्ट्र में अब अगले लगभग तीन साल तक कोई चुनाव नहीं होने हैं। पार्टी के नवनियुक्त संपर्क प्रमुखों और विभागीय संपर्क प्रमुखों के साथ आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में दिए। शिंदे ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी में अब केवल काम करने वालों को ही जगह मिलेगी और निकम्मे अर्थात जो पदाधिकारी सक्रिय नहीं रहेंगे, उनकी तत्काल प्रभाव से पद से छुट्टी कर दी जाएगी। एकनाथ शिंदे ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मंत्री, सांसद या विधायक होने का पद और ओहदा भूलकर सभी को एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह मैदान में उतरना होगा। More information पुनर्गठन संभव है। More than 43,000 dollars उन्होंने मतदान केंद्र (बूथ) पर दो ‘बीएलए’ नियुक्त करने निर्देश दिए हैं। शिंदे ने कहा है कि उनके साथ नियमित बैठकें भी की जाएं।
लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली 2 हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। Year 2022 Year 2022 Year 2024 महाराष्ट्र 2024 लोकसभा चुनtric हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं। गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं। की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना। पत्रकारिता अनुभव: प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर भ किया। Year 2011 जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। Year 2012 बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया। 2014 रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया। 2017 गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। 2019 कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया। विश्वविद्यालय में अध्यापन: year 2020 More information के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया। Year 2021 यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए। शिक्षा / पुरस्कार: मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति विश्वविद्यालय कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की। अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। ‘ ‘… और पढ़ें