बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान (AGNU) के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने गुप्त मतदान में साइप्रस के राजदूत को हराया। जानिए उनके कार्यकाल और यूएन के सामने खड़ी चुनौतियों के बारे में पूरी खबर।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने मंगलवार को हुए एक कड़े मुकाबले में 193 people (UNGA) जीत लिया है। इस चुनाव में भारत के मित्र देश साइप्रस ने बांग्लादेश को कड़ी चुनौती दी। खलीलुर रहमान ने साइप्रस के राजदूत एंड्रियास काकौरिस को 99-91 के अंतर से हराया। इस गुप्त मतदान में तीन देहीं लिया।
More information बेयरबॉक का स्थान लेंगे, जिनका एक साल का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष का पद हर साल अलग-अलग क्षेत्रों के बीच रोटेट होता है। इस वर्ष अध्यक्ष पद एशिया-प्रशाँ खाते में था।
चुनाव परिणाम
- कुल वोट: 193 minutes देशों में से 190 minutes
- खलीलुर रहमान (बांग्लादेश): 99 min
- एंड्रियास एस. काकौरिस (साइप्रस): 91 min
– बांग्लादेश, साइप्रस और फिलिस्तीन। फिलिस्तीनी उम्मीदवार रियाद मन्सूर के हट जाने के बाद मुकाबला दोतरफा हो गया। बांग्लादेश ने अपनी उम्मीदवारी कई साल पहे घोषित की थी। डॉ. खलीलुर रहमान हार्वर्ड-ट्रेंड अर्थशास्त्री और अनुभवी राजख में भी काम कर चुके हैं और रोहिंग्या मुद्दे पर More information Year 1986 पर रहा था। तत्कालीन विदेश मंत्री हुमायून राशिद चौधरी चुने गए थे। साइप्रस के उम्मीदवार एंड्रियास 40 min अधिक के अनुभव वाले मैं, जो अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों में एंबेसडर रह चुके हैं और यूएन के कामकाज को अच्छी तरह जानते हैं। “उनकी थीम” “जिम्मेदारी”
भारत ने दी बधाई
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी। जयशंकर ने कहा कि वे साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए बांग्लादेश के नेता के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। जयशंकर ने राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष चुने जाने पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान को बधाई। हमि See More सहयोग को मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर व “
जयशंकर की टिप्पणियों का जवाब देते हुए, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने भी रहमान को बधाई दी। उन्होंने रहमान को PGA81 के रूप में चुने जाने बधाई। हमेशा बहुपक्षवाद का समर्थन करेगा, जिसके “
संयुक्त राष्ट्र महासभा और इस पद की अहमियत
भले ही महासभा के अध्यक्ष का यह पद काफी हद तक औपचारिक होता है, लेकिन वैश्विक कूटनीति में इसे बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है। यह संयुक्त राष्ट्र का वह अंग है जहां दुनिया के छोटे-बड़े सभी देश समान रूप से अपनी बात रख सकते हैं। सितंबर में होने वाली विश्व नेताओं की एकमात्र वार्षिक बैठक भी यहीं आयोजित होती है।
महासभा संयुक्त राष्ट्र के बजट को नियंत्रित करती है, अंतरराष्ट्रीय संती है, More information इसके प्रस्ताव भले ही कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन वे वैश्विक जनमत का सीधा प्रतिनिधित्व करते हैं।
हाल के दिनों में यूक्रेन और गाजा युद्ध के दौरान महासभा की भूमिका और भी अहम हो गई है। Security Council (UNSC) (गाजा के मामले में) इस्तेमाल के कारण अक्सर कार्रवाई बाधित हो जाती है, जिससे महासभा ही चर्चा का मुख्य केंद्र बन जाती है।
कौन हैं खलीलुर रहमान?
खलीलुर रहमान के पास कूटनीति और प्रशासन का एक लंबा अनुभव है। Year 2024 प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। इसके बाद हुए संसदीय चुनावों में नई सरकार ने भारी बहुमत हासिल किया। नई सरकार के प्रधानमंत्री ने इसी साल फरवरी मंहमान को देश का विदेश मंत्री नियुक्त किया था।
इससे पहले उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम NSA (NSA) और वे एक पूर्व राजदूत भी रह चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटस ने “आपका उल्लेखनीय राजनीतिक और कूटनीतिक अनुभव न केवल महासभा बल्कि पूरे संयुक्त राष्ट्र की सफलता की गारंटी है।” उन्होंने 21 min 80 years 80 years 80 years भी सराहना की।
रहमान का विजन और चिंताएं
More information एक “ऐतिहासिक चौराहे” पर शुरू होगा, जहां कई मोर्चों पर इस संगठन के प्रति दुनिया के विश्वास की परीक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन युद्धों को रोकने के लिए यूएन की स्थापना हुई थी, वे आज भी लोगों को गहरी पीड़ा दे रहे हैं। More information में गिरावट देखी जा रही है, जिससे मानवीय सहायता का दायरा सिकुड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र वर्तमान य तनाव से गुजर रहा है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र के बजट में ऐतिहासिक रूप से सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश अमेरिका, वर्तमान में अरबों डॉलर के बकाये में चल रहा है। रहमान ने सभी सदस्य देशों से मिलकर इस आर्थिक चुनौती का सामना करने का आह्वान किया।
