अंबानी परिवार और उनके रिश्तेदार अक्सर ही अपने स्टाइलिश लुक्स के चलते लाइमलाइट में आ जाते हैं। अब आकाश अंबानी की साली साहिबा दीया मेहता को ही देख लीजिए, विदेश में साड़ी पहन वह देसी ग्लैमर दिखा गईं। लेकिन, इस लुक की खास बात इसका डिजाइन बना, जो बंगाल की पारंपरिक आर्ट से बना है।

यही नहीं मेट की रेड कार्पेट के लिए उनका गाउन भी इसी आर्ट फॉर्म को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था, जो अपनी यूनिकनेस के चलते सबका ध्यान खींच ले गया। वहीं, अब उनकी काली साड़ी भी सबका दिल जीत रही है। जिसके ब्लाउज और पल्लू पर खूबसूरत काम किया गया। जिससे उनका यह लुक सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि बंगाल की विरासत को ग्लोबल स्टेज पर दिखाने का एक शानदार तरीका बन गया। (फोटो साभार: इंस्टाग्राम @dmjatia)
पीकॉक मोटिफ से सजी साड़ी
दीया ने मेट गाला की ऑफ्टर पार्टी के लिए मयूर गिरोत्रा की कस्टम साड़ी वेअर की। जिसमें ट्रेडिशन के साथ आर्ट को बेहद मॉडर्न तरीके से कैरी किया। क्योंकि साड़ी में बंगाल की शोला क्राफ्ट को खूबसूरती से पिरोया गया है। तभी तो ब्लैक साड़ी के पल्लू पर बना सफेद शोला में तैयार पीकॉक (मोर) मोटिफ बेहद सुंदर लगा। जिसका हल्का नक्काशीदार टेक्सचर साड़ी को 3डी इफेक्ट दे रहा है। – फिरता आर्ट पीस लग रही है।
ब्लाउज पर भी की गई शोला आर्ट
साड़ी के साथ दीया ने टेक्सचर्ड आइवरी ब्लाउज पहना, जो भी शोला वर्क से सजा है और ब्लैक साड़ी के साथ इसका कंट्रास्ट लुक को रॉयल बना रहा है। स्ट्रैपी ब्लाउज पर शोला से लीफ जैसे स्ट्रक्रच बनाए गए हैं, जिससे इसका क्रिएटिव कोशेंट बेहद स्टनिंग लगा। वहीं, ब्लाउज का मिनिमल लेकिन डिटेल्ड पैटर्न More information कॉम्प्लिमेंट करता है।
क्या होती है शोला आर्ट?
शोला, बंगाल की एक पारंपरिक हस्तकला है, जो एक खास तरह के दलदल में उगने वाले पौधे से बनाई जाती है। इस पौधे का अंदर का हिस्सा बहुत हल्का, मुलायम और आसानी से तराशने लायक होता है। जिसके सफेद हिस्से (पिथ) से खूबसूरत डिजाइन बनाए जाते हैं। यह दिखने में आइवरी रंग की लगती है, इसलिए इसे आइवरी प्लांट भी कहा जाता है।
क्यों बंगाल की संस्कृति से खत्म हो रही ये कला?
शोला का धार्मिक त्योहारों और बंगाली शादी में इसका खास महत्व है। इसलिए दूल्हा- दुल्हन के मुकुट, दुर्गा पूजा की सजावट, फूल, गहने और सजावटी सामान बनाने के लिए इसका इस्तेमाल होता है। लेकिन, अब ये कला खत्म होती जा रही है, जिस वजह से इसे फेडिंग आर्ट फॉर्म कहा जाता है। जिसकी वजह है-
- दलदली इलाकों की कमी से कच्चा माल कम हो रहा है।
- इसे भ लेकिन कमाई कम है।
- नई पीढ़ी इस काम को अपनाने में रुचि नहीं ले रही।
- बाजार में सस्ते प्लास्टिक और सिंथेटिक विकल्प आ गए हैं।
सालों पुराना है इतिहास
शोला कला का इतिहास लगभग 200-300 साल या उससे भी ज्यादा पुराना माना जाता है। इस कला की शुरुआत बंगाल के ग्राय हुई, जहां मालाकार समुदाय पीढ़ियों से इसे करते आ रहे हैं। 18min-19min सदी में यानी ब्रिटिश काल के दौरान, More information हुए। इस समय इसे धार्मिक अनुष्ठानों, शादी और मंदिर में खूब इस्तेमाल किया जाता था। धीरे- धीरे यह कला बंगाल की संस्कृति का हिस्सा बन गई।
इस तरह दीया ने पूरा किया लुक
दीया ने अपने लुक में फोकस आउटफिट पर रहने – रखा। हसीना ने नेकलेस स्किप किया और शोला आर्ट जैसे ही फ्लोरल इयररिंग्स पहने नजर आईं। जिन्होंने पूरे लुक की वाइब को खूबसूरती से कॉम्प्लिमेंट किया। More information ग्रेसफुल बनाता है। तभी तो हसीना का ट्रेडिशनल क्राफ्ट के साथ मॉडर्न सिल्हूट का फ्यूजन पूरे लुक को एक स्टेटमेंट पीस बना गया, 2026 के खूबसूरत लुक्स में शामिल हो गया।

