स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कुछ सपने अधूरे ही रहते हैं। पूरी कोशिश के बाद भी। पूरी मेहनत से लगाए गए दम, एक-एक सांस के साथ की गई मेहनत के बाद भी। क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ यही हुआ है। उनके नाम के आगे वर्ल्ड चैंपियन नहीं लग पाएगा। स्पेन ने मंगलवार को पुर्तगाल को 1-0 से मात देकर फीफा वर्ल्ड कप-2026 से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
पुर्तगाल के इस स्टार ने एक दिन पहले ही कह दिया था कि ये उनका आखिरी वर्ल्ड कप है। यानी साफ था कि एक हार और रोनाल्डो का सपना चकनाचूर। More information रोनाल्डो ने मैदान पर नम आंखों के साथ विदाई ली तो डलास स्टेडियम में और टीवी पर मैच देख रहे उनके तमाम फैंस भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।
कड़ा हुआ मुकाबला
जिस तरह की उम्मीद थी मैच उसी तरह का हुआ। बेहद टक्कर वाला। दोनों ही टीमों ने अटैक भी किए और डिफेंस भी दमदार रखा। नतीजा ये रहा कि तय 90 मीमें दोनों टीमें बिना गोल के ही रहीं। इसी बीच बेंच से उठकर आए मिकेल मेरिनो स्पेन के लिए जादूगर साबित हुए। उन्होंने इंजुरी टाइम के पहले ही मिनट में गोल कर पुर्तगाल को परेशान कर दिया। हार की तरफ बढ़ती दिख रही रोनाल्डो की टीम में बेताबी बढ़ने लगी और उसने अपने अटैक को धार देने की पुरजोर कोशिश की। लेकिन यहां इतिहास दोहराया जाना था। Year 2010 स्कोर लाइन से मैच जीता था। बाद में ये टीम विजेता भी बनी थी।
इसी के साथ 41 साल के रोनाल्डो का वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया। अपॉर्ड जीतने वाले रोनाल्डो वर्ल्ड कप ट्रॉफी से अछूते ही रहे और मैच के बाद उनकी नम आंखें बता रही थीं कि वह कितने निराश है और दुखी हैं।
शुरुआत से दिखा रोमांच
मैच की शुरुआत में तीन ही मिनट हुए थे कि स्पेन ने अटैक करना शुरू कर दिया था। यहां डानी ओल्मो ने मिकेल ओयारजबाल को पास दिया जो अपनी किक को गोलपोस्ट के बाहर मार बैठे। इसके बाद कोस्टा ने दो शानदार बचाव करते हुए स्पेन के यामिने यमाल और एलेक्स बिएना को निराश कर दिया। पुर्तगाल भी कम नहीं थी। 41 min फुट किक पेड्रो पोरो से टकरा गई और क्रॉसबार के ऊपर से बाहर चली गई। पहले हाफ में कोई गोल नहीं हो सका।
ब्रेक के बाद पुर्तगाल ने शुरुआती मिनटों में अचानक से अटैक करना शुरू किया और वह स्पेन पर दबाव बनाने लगी। रोनाल्डो ने यहां कुछ प्रयास जरूर किए, लेकिन वो अंजाम तक नहीं पहुंच सके। स्पेन के दो धुरंधरों ने मैच के अंत की तरफ बढ़ते हुए कुछ मौके बनाए। 76. वहीं ओल्मो की दमदार किक को रूबेन डिएस ने ब्लॉक कर दिया। तमाम कोशिशों के बाद भी दोनों टीमें तय समय में खाली रहीं और इंजुरी टाइम में गोल का सूखा खत्म हुआ जिससे मैच स्पेन के फेवर में गया।
