सुनेत्रा पवार के करीबी नेता के मुताबिक वह और उनके बेटे पार्थ नहीं चाहते हैं कि एनसीपी का मर्जर हो। उनका मानना है कि अगर दोनों एनसीपी मिल जाती हैं तो पार्टी की कमान फिर से शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले के हाथों मेंचली जाएगी।
लोकसभा और राज्यसभा में NDA का कुने लिए बीजेपी आतुर है। (SP) और एनसीपी एक हो जाएं और फिर एनडीए को उसका समर्थन मिल जाए। बीजेपी ने इसके प्रयास भी तेज कर दिए हैं। हालांकि रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ इस बात से सहमत नहीं हैं। वह नहीं चाहते हैं कि फिर से शरद पवार और सुप्रिया सुले के हाथों में पार्टी की कमान चली जाए। बता दें कि फिलहाल एनसीपी एनडीए का हिस्सा है और एनसीपी (EN)
सुनेत्रा पवार के एक करीबी के मुताबिक कुछ एनसीपी नेता चाहते हैं कि दोनों पार्टियां एक हो जाएं। हालांकि एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और उनके राज्यसभा सांसद बेटे पार्थ पवार मर्जर का विरोध करत रहे हैं और वे नहीं चाहते कि शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले फिर से पार्टी की कमान अपने हाथों में ले लें। बता दें कि गुरुवार की शाम को पार्थ पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की थी।
What’s wrong with you?
सियारी गलियारों में चर्चा है कि शरद पवार एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना से हाथ मिलाना चाहते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल को वित्त मंत्रालय की बागडोर दी जा सकती है। गौरतलब है कि यह बेहद अहम मंत्रालय पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिवंगत नेता अजीत पवार के पास था। इस नए कदम से राज्य सरकार के भीतर सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल सकता है।
जयंत पाटिल ने दो दिन पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भेंट की थी, जबकि गुरुवार को उन्होंने और पार्टी के वरिष्ठ नेता जितेंद्र आव्हाड ने श्री शिंदे से मुलाकात की। सर्वश्री आव्हाड और श्री शिंदे की इस मुलाकात , क्योंकि ये दोनों ही नेता ठाणे जिले से आतु और पारंपरिक रूप से एक-दूसरे के सियासी बैरी रहे हैं।
पार्थ ने किया मुख्यमंत्री से सवाल
एक बैठक के दौरान पार्थ पवार ने कहा कि एनसीपी नेता और मुख्यमंत्री के बीच क्या चल रहा है. इसकी जानकारी देनी चाहिए। हालांकि इसके बारे में देवेंद्र फडणवीस ने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया और उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार से बात हो जाएगी। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अगर एनसीपी (एसपी) सुनेत्रा पवार इस बात की शर्त रखेंगी कि उन्हें उपमुख्यमंत्री के पद पर बरकरार रखा जाए और पार्टी की कमान भी उनके हाथों में रहे।
