Weather in Rajasthan today: राजस्थान में सक्रिय हुए अत्यंत शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ ने अब महाविनाशक रूप अख्तियार कर लिया है. (IMD) केंद्र जयपुर ने राज्य में अचानक मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए अगले 3 घंटों के लिए महातूफान का हाई अलर्ट जारी कर दिया है. 24 घंटों में बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश (IMD) ने चेतावनी दी है कि बादलों की भयंकर आवाजाही के कारण राज्य के आधे से अधिक हिस्से में आंधी, ओलावृष्टि और आसमानी बिजली का जानलेवा ताँ देखने को मिल सकता है.
(IMD) ने मरुधरा के जिन 14 जिलों में रेड अलर्ट की सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है, उनमें झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, डीग, अलवर, कोटपूतली बहरोड़, खैरथल-तिजारा, दौसा और चूरू शामिल हैं. इन सभी क्षेत्रों में अत्यंत तीव्र मेघगर्जन के साथ 80 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से झंझावात आने की सख्त चेतावनी दी गई है. इस तूफानी अंधड़ के कारण इन जिलों में हल्की से लेकर भारी ओलावृष्टि और मध्यम से तेज बारिश होने के पक्के आसार बन चुके हैं. खासकर भरतपुर, अलवर, दौसा, करौली, धौलपुर और सवाई माधोपुर के प्रशासन को विशेष सतरा बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
जयपुर में बदला मौसम का मिजाज, सुबह-सुबह झमाझम बारिश
IMD ले ली है. जयपुर और इसके आस-पास के इलाकों में आज सुबह-सुबह अचानक काले घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है. पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस से परेशान जयपुरवासियों को इस सुबह की बारिश से बड़ी राहत मिली है. IMD (IMD) बारिश से पूरे शहर के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और मौसम खुशनुमा हो गया है.
हनुमानगढ़, बीकानेर और श्रीगंगानगर 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. मौसम केंद्र जयपुर ने हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, डीडवाना-कुचामन, अजमेर, बूंदी और Warning Orange) जारी किया है. IMD (IMD) वाले क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इन जिलों में तेज धूलभरी आंधी चलने से जनजीवन और यातायात पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है, साथ ही गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज होने का अनुमान है.
फलोदी, नागौर और भीलवाड़ा सहित 6 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने पश्चिमी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों को राहत देते हुए फलोदी, ब्यावर, भीलवाड़ा, झालावाड़ और बारां जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया है. इन क्षेत्रों में मौसम तुलनात्मक रूप से थोड़ा कम आक्रामक रहेगा, लेकिन फिर भी यहाँ 30 से 40 years झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. इड का मेघगर्जन होने और हल्की बारिश या (IMD) ने जताई है.
(IMD) की गाइडलाइन: पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का भारी खतरा
अत्यंत तीव्र आंधी और बारिश के कारण बड़े व पुराने पेड़, बिजली के खंभे, सोलर पैनल, विज्ञापन होर्डिंग्स और कमजोर कच्चे ढांचे पूरी तरह ढह सकते हैं. धूलभरी आंधी से दृश्यता बुरी तरह प्रभावित होगी, जिससे सड़कों पर सफर करना जानलेवा हो सकता है. खेतों में खड़ी फसलों को ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुंचने का खतरा है.
मौसम विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि मेघगर्जन और अंधड़ के समय किसी भी हाल में पेड़ों या कीचे शरण न लें, बल्कि तुरंत सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर चले जाएं. वाहन चालकों को आंधी के दौरान गाड़ी को किसी सुरक्षित स्थान पर रोक देने की सलाह दी ख घरों के अंदर मौजूद लोग वज्रपात के खतरे से बचने के लिए अपने सभी बिजली के उपकरणों को तुरंत अनप्लग (Disconnect) कर दें. घर की खिड़कियों-दरवाजों से दूर रहें और धातmin की वस्तुओं या पानी के नलों को छूने से पूरी तरह दूरी बनाए रखें.
राजस्थान में जारी इस ‘रेड अलर्ट ‘ है और यह कब तक प्रभावी है?
‘रेड अलर्ट’ का मतलब है कि मौसम अत्यंत खतरनाक स्तर पर है और जान-माल का नुकसान हो सकता है. (IMD) ने यह अलर्ट अगले 3 घंटों के लिए अत्यंत तीव्र महातूफान को देखते हुए जारी किया है, जिसके तहत 14 जिलों में विशेष सावधानी बरतनी होगी.
आंधी के दौरान दृश्यता प्रभावित होने पर वाहन चालकों को क्या करना चाहिए?
धूलभरी आंधी के कारण दृश्यता अचानक शून्य हो सकती है. ऐसे में वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे गाड़ी की हेडलाइट और इंडिकेटर ऑन करके गाड़ी को सड़क किनारे किसी सुरक्षित 2 के पास रोक दें और आंधी थमने का इंतजार करें.
मौसम विभाग ने बिजली के उपकरणों को अनप्लग करने की सलाह क्यों दी है?
रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में अत्यंत तीव्र मेघगर्जन के साथ भारी वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की आशंका है. बिजली गिरने के दौरान हाई-वोल्टेज सर्ज से घरों के उपकरण फुंक सकते हैं और शॉर्ट सर्कट या आग लगने का खतरा रहता है, इसलिए इन्हें अनप्लग रखना और धातु की वस्तुओं से दूर रहना बेहद जरूरी है.
– जारी रहेगा?
हाँ, मुख्य तीव्र दौर अगले 3 घंटों के लिए है, लेकिन इस पश्चिमी विक्षोभ का असर 13 और 14 जून को भी बना रहेगा. मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक बीकानेर, भरतपुर, अजमेर, जोधपुर और कोटा संभाग में अगले दो दिन भी 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
