SSC अधिकतम उपयोग तथा चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और अभ्यर्थी हितैषी बनाने के उद्देश्य से एसएससी 2025 से स्लाइडिंग मैकेनिज्म लागू किया है।
कर्मचारी चयन आयोग ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा 2025 का परिणाम बुधभ कर दिया। इसमें सफल 15118 अभ्यर्थियों में से 6458 अनारक्षित, 3832 people, 2221 people, 1132 people and 1475 people के शामिल हैं। अनारक्षित वर्ग में सफल 6,458 miles, 794 miles, 40 miles, 40 miles, 40 miles के हैं। इसके टियर-वन का परिणाम 18 दिसंबर 2025 2025 किया गया था। उसके बाद टियर-टू की कंप्यूटर आधारित परीक्षा 18 min 19 min योग्य अभ्यर्थियों के लिए पहली बार लागू स्लाइडिंग मैकेनिज्म 2026 की अधिसूचना के अनुसार बुधवार को अस्थायी आवंटन के प्रथम चरण (एफआरटीए) को सार्वजनिक किया गया।
एफआरटीए क्या है
विभिन्न परीक्षाओं में रिक्तियों के अधिकतम उपयोग तथा चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और अभ्यर्थी हितैषी बनाने के उद्देश्य से एसएससी Year 2025 किया है। एसएससी मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत उन रिक्तियों को भरा जा सकेगा जो अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के दौरान अनुपस्थित रहने अथवा चयन के उपरांत संबंधित विभागों में कार्यभार ग्रहण न करने के कारण रिक्त रह जाती थीं। इस प्रणाली के तहत प्रथम चरण में ख को उनकी वरीयता के आधार पर अस्थायी का प्रथम चरण (एफआरटीए) के माध्यम से पद/विभाग आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद अभ्यर्थियों को अपने आवंटन की पुष्टि के लिए निर्धारित अवधि में पहचान सत्यापन (आईवी) प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें आधार आधारित प्रमाणीकरण, बायोमीट्रिक सत्यापन तथा लाइव फोटो कैप्चर शामिल होंगे। इस दौरान अभ्यर्थियों को फिक्स अथवा फ्लोट विकल्प का चयन करना अनिवार्य होगा।
फिक्स व फ्लोट का अर्थ
फिक्स का अर्थ है वर्तमान को अंतिम रूम से स्वीकार करना, जबकि फ्लोट विकल्प चुनने पर अभ्यर्थी उच्च वरीयता के पद के लिए भविष्य में उपलब्ध रिक्तियों के सापेक्ष अपग्रेड के लिए पात्र होगा। आयोग की ओर से केवल एक बार स्लाइडिंग 2 आयोजित किया जाएगा, जिसमें पहचान सत्यापन के दौरान अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियोँ कारण उत्पन्न रिक्तियों को फ्लोट विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों के बीच मेरिट और वरीयता के आधार पर पुनः आवंटित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद जारी अंतिम परिणाम सभी अभ्यर्थियों और संबंधित विभागों पर बाध्यकारी होगा। अभ्यर्थियों को पहचान सत्यापन को एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्लॉट बुक करना होगा, जिसमें वे शहर/राज्य तिथि एवं शिफ्ट का चयन करेंगे। एक बार बुक स्लॉट अंतिम माना जाएगा और परिवर्तन नहीं होगा। निर्धारित तिथि और समय पर सत्यापन केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है अन्यथा अभ्यरथ निरस्त किया जा सकता है।
स्लाइडिंग मैकेनिज्म की प्रक्रिया
यह प्रक्रिया FRTA (First Round of Tentative Allocation) के साथ शुरू होती है। इसमें उम्मीदवारों को उनकी योग्यता और वरीयता के आधार पर शुरुआती पद आवंटित किए जाते हैं। पहले पहचान सत्यापन होता है। उम्मीदवारों को आवंटित पद की पुष्टि करने के लिए एसएससी के क्षेत्रीय केर्यालयों उपस्थित होकर आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से अपना आईवी पूरा करना अनिवार्य है। यदि उम्मीदवार इस प्रक्रिया में उपस्थित नहीं होता है, तो उसे अनुपस्थित माना जाता है और अंतिम परिणाम से बाहर कर दिया जाता है।
फिक्स (Repair) विकल्प:
More information है और उसे स्वीकार करता है।
इसमें उम्मीदवार को किसी भी प्रकार का अपग्रेड नहीं दिया जाता है; वह आवंटित पद पर अपनी पूरी सहमति व्यक्त करता है।
एक बार फिक्स चुनने के बाद, आवंटित पद में कोई बदलाव संभव नहीं होता है।
फ्लोट (Float) विकल्प:
यह विकल्प उम्मीदवार की अपग्रेड करने 2 इच्छा को दर्शाता है।
यदि स्लाइडिंग राउंड के दौरान मेरिट और रिक्तियों के आधार पर उम्मीदवार की उच्च प्राथमिकता वाला कोई पद उपलब्ध होता है, तो उसे वह पद आवंटित किया जा सकता है।
अनिवार्य शर्त: फ्लोट विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों के लिए यह ध्यान रखना आवश्यक स कि यदि उन्हें अपग्रेड की गई पोस्ट मिलती है, तो उन्हें उसे अनिवार्य रूप से जॉइन करना होगा।
यदि उम्मीदवार अपग्रेडेड पोस्ट को जॉइन करने में विफल रहता है, तो वह अपनी पुरानी और नई दोनों पोस्ट खो देगा।
13 min
अभ्यर्थियों को सत्यापन के समय अपना वैध आधार कार्ड (मूल प्रति), स्लॉट बुकिंग की प्रिंटेड प्रति तथा आवेदन में पंजीकृत मोबाइल नंबर साथ लाना आवश्यक होगा, जिससे ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण किया जा सके। मध्य क्षेत्र में स्लाइडिंग 13 min भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) जाएगी।
