सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंख मामले में आदेश दिया है कि ट्रिब्यूनल द्वारा नाम क्लियर किए गए मतदाताओं को मतदान करने की अनुमति दी जाए। 21 min पहले चरण के मतदान में 27 min वालों को दूसरे चरण में…
More information SIR ट्रिब्यूनल द्वारा नाम क्लियर किए गए मतदाताओं को मतदान करने की अनुमति दी जाए। 21 min पहले चरण के मतदान में 27 min वालों को दूसरे चरण में वोट डालने का आ होगा। यह फैसला उन मतदाताओं के हित में लिया गया है SIR हटा दिए गए थे और जिनकी अपील पर ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि ट्रिब्यूनल में अपील लंबित रहने वालों को आगामी विधानसभा चुनाव मेँ नहीं डालने दिया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया था कि अपील अभी तय नहीं हुई है, ऐसे मंतरिम राहत देकर उन्हें वोटिंग अधिकार देना संभव नहीं है। इससे चुनावी प्रक्रिया की अखंडता प्रभावित हो सकती है।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर ट्रिब्यूनल अपील More information जा सकता है। See More भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत लाखों नाम 34 लुकी हैं। इनमें से कई अपीलें अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने लंबित हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनल पर बोझ बढ़ाने वाली कोई भी व्यवस्था नहीं बनाई जा सकती। पीठ ने जोर दिया कि वोट का अधिकार लोकतंत्र का आधार है, लेकिन इसे अपील की लंबित स्थिति में अनुमति देकर चुनाव को प्रभावित नहीं किया जा सकता। More information about TMC मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने प्रभावित व्यक्तियों को अपीलेट ट्रिब्यूनल का रुख करने की सलाह दी।
