जागरण संवाददाता, मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण 2 को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक ऎ विषयों पर विचार-विमर्श करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी एवं पूर्व कार्यपरिषद सदस्य शैलेंद्र एन. जायसवाल को एक वर्ष की अवधि के लिए प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस पद पर नियुक्त किया गया।
कुलपति कार्यालय में ख सबसे पहले कार्यपरिषद की आठ जनवरी की बैठक के कार्यवृत्त की सहमति दी गई। 18 min समिति की नौ मार्च व वित्त समिति 17 min-26 min भवन समिति 18 min को भी अनुमोदित किया गया।
बैठक में 59 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक का प्रमुख आकर्षण प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस के पद पर पद्मश्री से सम्मानित सुप्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी तथा शैलेन्द्र जायसवाल की एक वर्ष की अवधि के लिए नियुक्ति का निर्णय रहा।
अनुभवी पेशेवर होते हैं प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस
प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस वे अनुभवी पेशेवर होते हैं, जिन्हें विश्वविद्यालय या संस्थानों में पढ़ाने के लिए नियुक्त किया जाता है। उनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को अपने क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव और ज्ञान प्रदान करना होता है। ये प्रोफेसर अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ होते हैं। साथ ही छात्रों को वास्तविक दुनिया के अनुभव भी साझा करते हैं।
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लोक संस्कृति एवं क्षेत्रीय भाषाओं आ संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
मालिनी अवस्थी के जुड़ने से विश्वविद्यालय को कई प्रमुख लाभ होंगे। इनमें लोक संस्कृति एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। More information , More information More information मिलेगा।
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नवाचार, उद्यमिता एवं कौशल विकास को प्रोत्साहित करेंगे शैलेंद्र
शैलेंद्र एन. जायसवाल पूर्व में विश्वविद्यालय की कार्यकारी पुके हैं, जिससे More information प्रशासनिक संरचना का गहन अनुभव प्राप्त है। उनका विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों 2 संगठनों में दीर्घ अनुभव रहा है तथा वर्तमान में वे सृजन संचार के साथ लीड मेंटर के रूप में जुड़े हुए हैं।
नवाचार रणनीतिकार, तकनीकी विशेषज्ञ तथा अकादमिक प्रैक्टिशनर हैं। उनके पास सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग एवं उद्यमिता इकोसिस्टम में 35 से अधिक वर्षों का नेतृत्व अनुभव है। More information गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है। More information रोजगारोन्मुख कौशल प्राप्त होंगे।
छात्र-छात्राओं को नई दिशा एवं व्यापक अवसर मिलेंगे
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि यह नियुक्ति विश्वविद्यालय को नवाचार एवं उद्यमिते क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे छात्र-छात्राओं को नई दिशा एवं व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें कौशल आधारित शिक्षा, नवाचार एवं उद्यमिता को विशेष महत्व दिया गया है।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी
कुलसचिव डा. अनिल कुमार यादव, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश, प्रो. अनिल मलिक, प्रो. विजय जायसवाल, प्रो. अजय विजय कौर, डा. यशवेंद्र वर्मा, डा. अनिल कुमार यादव, डा. प्रमोद कुमार, इरशाद मोहम्मद खान एवं प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्त उपस्थित रहे।
