भरत तिवारी एनकाउंटर केस: चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में मtric भरत के तेरवहीं पर फैसला लिया गया कि इंसाफ की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होगा।
भरत तिवारी एनकाउंटर: बिहार में भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की तेरहवीं मंगलवार को थी। बेटे की तेरहवीं पर गमजदा मां ने सवाल उठाए हैं कि अब तक इस मामले में पुलिसवालों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? इधर इस एनकाउंटर की गूंज अब दिल्ली में भी सुनाई देने वाली है। भोजपुर में भरत तिवारी की तेरहवीं पर ऐलान किया गया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होगा। भरत भूषण तिवारी की तेरहवीं पर मां ने यह भी कहा कि उन्हें सरकार पर भरोसा नहीं है। भरत की मां आशा देवी ने कहा कि आज मेरे बेटे की तेरहवीं है, लेकिन हत्या के आरोपित पुलिस अफसरों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई। पुलिस मेरे बेटे की हत्या के केस में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। हमें सीएम और उनकी पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है, अब सिर्फ कोर्ट से ही न्याय की उम्मीद है।
भोजपुर एसपी राज को हटाया जाए – भरत के पिता
भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने कहा कि कहा जा रहा है कि जांच के बाद न्याय मिलेगा। What, तो किस जांच की बात कही जा रही है? उनका मानना है कि पूरी घटना के दौरान पुलिस के हेड जिले के कप्तान के रूप में एसपी थे। ऐसे में एसपी सहित सभी पुलिस अफसरों को जिले से हटाया जाये, तभी निष्पक्ष जांच हो सकेगी।
दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान
इधर भरत तिवारी की मौत के मामले में इंसाफ दिलाने की मांग अब और तेज हो गई है। मंगलवार को आयोजित तेरहवीं और श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया गया। मृतक भरत भूषण तिवारी के पिता काशी नाथ तिवारी More information जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन का एलान करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रेस वार्ता में अनिल मिश्रा ने पुलिसिया जांच पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस घटना में यदि किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मी की भूमिका सामने आती है, तो उस पर तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। आंदोलन को संगठित रूप देने के लिए अमर शहीद भरत तिवारी न्याय संघर्ष समिति सहित 11 sec संघर्ष समितियों के गठन की घोषणा की गई। More information नागेश्वर दुबे को कार्यकारी अध्यक्ष और मृतक के पिता काशीनाथ को सह संयोजक बनाया गया।
