इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर देशव्यापी आंदोलन को और तेज करने का एलान किया है। संगठन ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग उठाई है।
विरोध प्रदर्शन का नया चरण शुरू
यूथ कांग्रेस ने कहा कि वह देश के कई राभ में विरोध प्रदर्शन का नया चरण शुरू करेगी। इसके तहत मशाल जुलूस , प्रदर्शन, घेराव और जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे। संगठन के अनुसार, यह अभियान महाराष्ट्र, , राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में चलाया जाएगा।
संगठन ने क्या-क्या लगाए आरोप?
आधिकारिक बयान के मुताबिक, आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब विभिन्न राज्यों का दौरा कर आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। More information More information भरोसा कमजोर हुआ है।
यूथ कांग्रेस के प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि देश के छात्रों को रोजगार, न्याय और जवाबदेही मिलनी चाहिए थी, लेकिन उन्हें पेपर लीक, अनिश्चितता और एक कमजोर परीक्षा प्रणाली का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई और जवाबदेही तय होने तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा।
आईवाईसी की क्या है मांग?
उदय भानु चिब ने केंद्र सरकार पर छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा लीक और अन्य अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। चिब ने कहा कि अब इस आंदोलन को पूरे देश में और व्यापक बनाया जाएगा व यह तब तक जारी रहेगा जब See More शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाते।
आंदोलन में क्या-क्या शामिल?
यूथ कांग्रेस ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में मशाल जुलूस, ‘हल्ला बोल’ मार्च, छात्र संपर्क कार्यक्रम, जिला स्तर पर जनसंपर्क अभियान और भाजपा नेताओं व मुख्यमंत्रियों के आवासों के बाहर प्रदर्शन शामिल होंगे।
वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय पहले भी कह चुका है कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। More information प्रदर्शनों के बीच यूथ कांग्रेस के इस नए अभियान को अहम माना जा रहा है।
