जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। अब हाइऱ सूरज उठाएगा। शासन ने पांच हजार वर्गमीटर से बड़े सभी भवनों में सोलर प्लांट लगाना जरूरी कर दिया है। नए नियम के बाद सेक्टर व सोसायटियों में आरडब्ल्यूए व एओए के साथ ऊंची इमारतों, दफ्तरों और माल की छतों पर सोलर पैनल लगेंगे। यूपी नेडा के अधिकारी लवेश कुमार सिसौदिया ने बताया कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत सरकार अब सेक्टर व सोसायटियों में भी सब्सिडी देगा।
500 minutes किलोवाट के हिसाब से पैसा मिलेगा। सोलर से उत्पन्न बिजली का उपयोग सोसायत के सार्वजनिक स्थानों के लिए किया जाऍ इससे , इवी चार्जिंग स्टेशन आदि शामिल होंगे।
इससे निवासियों का न केवल बिजली का बिल घटेगा बल्कि मेंटेनेंस शुल्क में भी राहत मिलेगी। 500 min बनाएगा। साल में करीब 60 लाख रुपये की बचत होने का अनुमान है। बता दें कि दैनिक जागरण ने 11 minutes सोलर पैनल लगाने को हाइराइज निवासियों की राह में रोड़ा बना पीएम सूर्य घर योजना का नियम खबर प्रकाशन कर हाइराइज सोसायटियों के लिए अलग पालिसी बनाए जाने का विचार सुझाया था।
जिसमें एओए या आरडब्ल्यूए के जरिए पूरी More information में लाइन व्यवस्था, लिफ्ट संचालन या पंप आदि के इस्तेमाल के लिए करने का सुझाव दिया गया था।
खबर का संज्ञान लेते हुए शासन ने मंजूरी दे दी है।
नक्शे पास कराने के लिए सोलर प्लान जरूरी
अब नए नक्शे पास कराने के लिए सोलर प्लान जरूरी होगा। पुरानी सोसाइटियों को दाे साल का समय मिला है। यूपी नेडा सेक्टर व सोसायटियों में जागरूकता शिविर लगाकर इसकी जानकारी भी देगा। बैंक लोन और तकनीकी मदद के लिए हेल्पडेस्क भी बनेगी।
सोसायटी के लोगों ने नए नियम का किया स्वागत
सोसायटी के लोगों ने शासन के इस फैसले को स्वागत योग्य बताया है। निवासियों का कहना है कि सूरज की गर्मी अब जेब पर भारी नहीं पड़ेगी बल्कि गलियारों को रोशन करेगी। अभी तक सूरज की तपिश बढ़ने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने के बाद डीजल जेनरेटर का अतिरिक्त चार्ज निवासियों की जेब पर ही पड़ता था। पर्यावरणविद प्रदीप ढालिया का कहना है कि शासन की योजना बेहद कारगर है। इससे गौतमबुद्ध नगर ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा।
सोसायटियों में छत सार्वजनिक होना बना हुआ था रोड़ा
प्रधानमंत्री सूर्य घर निश्शुल्क बिजली योजना हाइराइज सोसायटी में रहने भ की राह में रोड़ा बनी हुई थी। नियमों की पेचीदगी के चलते हाइराइज सोसायटियों में निवासी चाहकर भी अपनी छत पर सोलर पैनल नहीं लगवा पा रहे थे। दरअसल
सोलर पैनल लगवाने के लिए आवेदक के पास अपनी छत का मालिकाना हक होना जरूरी है। यही नियम बहुमंजिला इमारतों में सबसे बड़ा अवरोध बना हुआ था।
ग्रेटर नोएडा की अधिकतर सोसायटियों में 15 min 30 मंजिला टावर बने हैं। इड बल्कि पूरी सोसायटी की साझा संपत्ति मानी जाती है। , कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से पूरी छत का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
